अयोध्या। अयोध्या स्थित राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार, मंदिर की सुरक्षा पर पिछले 11 महीनों में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद परिसर में चोरी की घटना सामने आने से सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
मामले की जांच के दौरान अब कई बड़े नाम भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद चोरी की घटना कैसे हुई और इसमें कहीं किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता तो नहीं बरती गई।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने वाले अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
इस घटना ने श्रद्धालुओं के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा व्यवस्था पर भारी खर्च के बावजूद चोरी होने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सुरक्षा प्रणाली में चूक कहां हुई। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।