अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए वित्तीय लेन-देन सामने आ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान कथित रूप से स्वीकार किया कि उसने चढ़ावे की रकम में से लगभग 19 लाख रुपये अपने परिवार, दोस्तों और निजी जरूरतों पर खर्च किए। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है।
किन-किन कामों में खर्च होने का दावा
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर—
- एक भाई की शादी पर करीब 6 लाख रुपये खर्च किए।
- दूसरे भाई को लगभग 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
- एक मित्र को करीब 2.5 लाख रुपये भेजे और महंगा मोबाइल फोन भी उपहार में दिया।
- अन्य परिचितों को भी अलग-अलग रकम दी।
- इसके अलावा एक कार खरीदने और जमीन से जुड़े लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
बरामदगी और संपत्तियों की जांच
पुलिस के अनुसार आरोपी के ठिकानों से नकदी, विदेशी मुद्रा, आभूषण और एक वाहन भी बरामद किया गया है। जांच एजेंसियां अब आरोपी और उसके परिजनों के बैंक खातों, संपत्तियों तथा हाल के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित गबन की रकम कहां-कहां इस्तेमाल हुई।
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अब तक कितने लोग गिरफ्तार
राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) पूरे मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रहे हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
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ट्रस्ट में हुए बदलाव
मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव हुए हैं। महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जा चुके हैं। ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए दायित्व भी तय किए हैं। दूसरी ओर, ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों ने कहा है कि जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।
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