‘मेरी नजर में चंपत राय बेदाग हैं’, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का बचाव

राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन और ट्रस्ट के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया है। उनके अनुसार, चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है, लेकिन उनकी व्यक्तिगत राय में वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या चोरी में शामिल नहीं हैं। गोविंद देव गिरि ने कहा कि दान राशि में कथित गड़बड़ी “महापाप” है और जो भी व्यक्ति जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट किसी भी दोषी को बचाने के पक्ष में नहीं है।

ट्रस्ट ने स्वीकार किए इस्तीफे

सोमवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही, एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

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दान व्यवस्था में होंगे बदलाव

दान विवाद के बाद ट्रस्ट वित्तीय प्रबंधन और दान संग्रह की व्यवस्था में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। महंगे दान स्वरूप प्राप्त आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने तथा निगरानी व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी

राम मंदिर दान विवाद की जांच अभी जारी है। अब तक सामने आए कई आरोप जांच एजेंसियों की प्रारंभिक कार्रवाई और रिपोर्ट का हिस्सा हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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