एफबीआई के नेतृत्व में विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इस अभियान को अंजाम दिया। रिपोर्टों के अनुसार कार्रवाई का उद्देश्य लॉरेंस बिश्नोई गैंग के उन नेटवर्क को तोड़ना था, जिन पर उत्तर अमेरिका और अन्य देशों में संगठित अपराध, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप हैं। छापेमारी के दौरान अमेरिका, कनाडा और यूरोप के 50 से अधिक स्थानों को एक साथ निशाना बनाया गया।
दो दर्जन से अधिक लोग हिरासत में
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अभियान के दौरान करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया। एजेंसियों ने हथियार, मादक पदार्थ और बड़ी मात्रा में नकदी भी जब्त की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या खुलासे हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर फोकस
पिछले कुछ वर्षों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भारत के अलावा कनाडा, अमेरिका और यूरोप में भी सामने आता रहा है। विभिन्न देशों की एजेंसियां इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। हालिया कार्रवाई को इसी कड़ी में सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसियों ने सभी आरोपों और संदिग्धों की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है।
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