मध्य प्रदेश के सतना जिले के सरभंगा सर्किल में टाइगर शिकार कांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। वन विभाग के अनुसार करंट लगाकर बाघ की हत्या करने वाले आरोपियों ने शव को दफनाने से पहले उसके चार कैनाइन दांत, चार नाखून और मूंछ के बाल निकाल लिए थे। सघन सर्च अभियान के दौरान वन विभाग ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर ये अंग बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि संबंधित बीट गार्ड को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
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दफनाने से पहले निकाले गए बाघ के दांत और नाखून
वन विभाग के अनुसार सरभंगा सर्किल की कररिया बीट के चौरहा हार क्षेत्र में करंट लगने से बाघ की मौत हुई थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने शव को छिपाने से पहले उसके चार कैनाइन दांत, चार नाखून और मूंछ के बाल निकाल लिए थे। डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि सघन सर्च अभियान के दौरान इन वन्यजीव अंगों को बरामद कर जब्त कर लिया गया है।
पांच और आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग ने इस कार्रवाई में प्रेम सिंह, जयनारायण सिंह, बब्बू सिंह, सत्यम सिंह और सोहन सिंह को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
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अब तक 10 आरोपी सलाखों के पीछे
राष्ट्रीय पशु बाघ के शिकार और साक्ष्य छिपाने के इस मामले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले मिनता सिंह, रामकुशल सिंह, हेमराज सिंह, बेटू सिंह और महेंद्र सिंह उर्फ मझला को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसी मामले में कररिया बीट के बीट गार्ड मैथिली शरण पटेल को विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबित किया गया है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि बाघ के अंगों का इस्तेमाल या तस्करी करने की कोई साजिश तो नहीं थी।
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