राजस्थान के बारां जिले में 18.93 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच की कड़ियां मध्य प्रदेश के मैहर जिले तक पहुंचीं, जहां से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। राजस्थान के बारां जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने 18.93 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए मैहर जिले के डेल्हा निवासी श्रीकांत लखेरा और राजन लखेरा (साकेत) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को 14 जुलाई को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। जांच के बाद उनकी भूमिका सामने आने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
मैकेनिकल इंजीनियर पर साइबर गिरोह को मदद पहुंचाने का आरोप
जांच में सामने आया कि मैकेनिकल इंजीनियर श्रीकांत लखेरा ई-मित्र सेंटर की आड़ में बैंक खाते खुलवाने, एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड जुटाकर साइबर ठगों तक पहुंचाता था। वहीं, आरोपी राजन ने पूछताछ में बताया कि श्रीकांत ने लालच देकर उसके नाम से बैंक खाते खुलवाए और उनसे जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। पुलिस के मुताबिक, राजन के बैंक खाते में करीब 12.13 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, जिन्हें बाद में एटीएम के जरिए निकाल लिया गया।
बिना कॉल और OTP के तोड़ दी गईं दो एफडी
मामले की शिकायत बारां जिले की निवासी द्रोपती बाई ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि भूमि मुआवजे की राशि से एक निजी फाइनेंस बैंक में 10 लाख रुपये और 8 लाख रुपये की दो एफडी कराई थीं। जून 2025 में बैंक पहुंचने पर उन्हें पता चला कि बिना किसी कॉल, OTP या बैंक अलर्ट के दोनों एफडी तोड़कर 18.93 लाख रुपये ऑनलाइन निकाल लिए गए। शिकायत के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसके बाद साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ।
4.58 लाख रुपये किए गए होल्ड
पुलिस ने जांच के दौरान ठगी से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों में जमा 4.58 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं। साथ ही पूरे साइबर नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।