जबलपुर। डिजिटल डेस्क
जनविश्वास अभियान के तहत स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल ने शनिवार को शहपुरा विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्र की तीन सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई और भविष्य को लेकर कई सवाल किए।
निरीक्षण के दौरान पावला स्कूल की आठवीं कक्षा की छात्रा से डॉ. गोयल ने अंग्रेजी में बातचीत की। छात्रा ने अंग्रेजी में धाराप्रवाह जवाब दिए। इसके बाद उन्होंने छात्रा से पूछा कि ‘ऑल द बेस्ट’ को संस्कृत में क्या कहते हैं?
छात्रा ने बिना झिझके जवाब दिया—“शुभम अस्तु और अभिष्टसिद्धिरस्तु।” छात्रा ने दोनों वाक्यों का अर्थ भी समझाया। उसने बताया कि ‘शुभम अस्तु’ का अर्थ ‘आपका मंगल हो’ या ‘सब अच्छा हो’ होता है, जबकि ‘अभिष्टसिद्धिरस्तु’ का अर्थ है कि आपकी मनोकामनाएं या इच्छाएं पूरी हों।
बच्चों से पूछा, क्या बनना चाहते हो
प्रमुख सचिव ने शासकीय हाई स्कूल पावला, शासकीय हाई स्कूल सुंदरादेही और पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरमान का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। कई बच्चों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा जताई।
उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की संस्कृत, अंग्रेजी और जीव विज्ञान की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
सुंदरादेही में पीएचडी शिक्षक की आर्ट क्लास देखी
सुंदरादेही स्कूल पहुंचने पर प्रमुख सचिव ने आर्ट की कक्षा का निरीक्षण किया। यहां पीएचडी धारक शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे। उनके अध्यापन के तरीके को देखकर डॉ. गोयल ने प्रसन्नता व्यक्त की।
पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरमान में उन्होंने जीव विज्ञान की कक्षा में विद्यार्थियों से संवाद किया और विषय से जुड़े सवाल पूछे।
शत-प्रतिशत उपस्थिति और समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने स्कूलों में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने प्राचार्यों और शिक्षकों से विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने डेली डायरी का संधारण, कालखंड के अनुसार अध्यापन और निर्धारित समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण की सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे, डीपीसी योगेश शर्मा सहित बीईओ और बीआरसी भी मौके पर पहुंचे।
प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल ने शहपुरा क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद जिले की सीमा से ही भोपाल के लिए वापसी की।