बागेश्वर धाम मामले में DNA रिपोर्ट के बाद नया मोड़, हाईकोर्ट ने SIT जांच के दिए निर्देश

छतरपुर। डिजिटल डेस्क

बागेश्वर धाम से जुड़े नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में DNA रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी के DNA का भ्रूण से मिलान नहीं होने के बाद छतरपुर पुलिस को विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर नए सिरे से विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने SIT को यह पता लगाने के लिए कहा है कि नाबालिग के साथ यौन अपराध किस व्यक्ति ने किया और उसके गर्भ से मिले भ्रूण का जैविक पिता कौन है। कोर्ट ने जांच पूरी करने के लिए दो महीने की समय-सीमा तय की है।

DNA जांच में आरोपी जैविक पिता नहीं मिला

मामला मार्च 2026 में सामने आया था। अभियोजन के अनुसार नाबालिग के बागेश्वर धाम क्षेत्र में पहुंचने के बाद आरोपी राजू जाटव से मुलाकात हुई थी। जांच के दौरान नाबालिग के करीब दो महीने की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई।

गर्भावस्था समाप्त किए जाने के बाद भ्रूण और प्लेसेंटा को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया। आरोपी के रक्त के नमूने के साथ इनकी DNA जांच कराई गई। 29 अगस्त 2026 की राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, सागर की रिपोर्ट में आरोपी को भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया।

नाबालिग के बयानों में भी सामने आया विरोधाभास

मामले की सुनवाई के दौरान नाबालिग के पहले और बाद के बयानों में भी अंतर सामने आया। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक शुरुआती बयानों में उसने आरोपी पर जबरन दुष्कर्म का आरोप लगाया था।

हालांकि, ट्रायल के दौरान जिरह में नाबालिग ने आरोपी द्वारा दुष्कर्म किए जाने की बात से इनकार किया। DNA रिपोर्ट और बयानों में आए इस अंतर को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले की विस्तृत जांच की जरूरत बताई।

दो महीने में जांच पूरी करने के निर्देश

हाईकोर्ट के जस्टिस अजय कुमार निरंकारी ने आरोपी की दूसरी जमानत याचिका खारिज करते हुए छतरपुर के पुलिस अधीक्षक को विशेष जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया।

SIT को पूरे घटनाक्रम, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करते हुए यह पता लगाना होगा कि नाबालिग के साथ यौन अपराध की वास्तविक घटना क्या थी और भ्रूण का जैविक पिता कौन है। जांच दो महीने के भीतर पूरी कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

DNA रिपोर्ट के बाद अब जांच का दायरा बढ़ा

DNA रिपोर्ट ने नामजद आरोपी को भ्रूण का जैविक पिता होने की संभावना को खारिज कर दिया है। हालांकि, इससे मामले में सामने आए अन्य सवालों का जवाब अभी बाकी है।

अब विशेष जांच टीम नए सिरे से उपलब्ध साक्ष्यों और संभावित संदिग्धों की जांच करेगी। पुलिस की अगली कार्रवाई SIT की जांच और सामने आने वाले वैज्ञानिक एवं अन्य साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

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