चित्रकूट में फिर बढ़ा मंदाकिनी का जलस्तर, प्रशासन अलर्ट

135.02 मीटर पहुंचा जलस्तर, अधिकतम स्तर से 4.58 मीटर नीचे; SDRF तैनात

सतना। डिजिटल डेस्क

चित्रकूट के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। 24 सितंबर की रात 8 बजे आरोग्य धाम के पास नदी का जलस्तर 135.02 मीटर दर्ज किया गया।

यह स्तर नदी के अधिकतम जलस्तर 139.60 मीटर से 4.58 मीटर नीचे है। जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की है।

मंदाकिनी के जलस्तर पर लगातार निगरानी

प्रशासन की टीमें मंदाकिनी के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रही हैं। बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर बनाए गए आश्रय स्थलों में भेजने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी और घाटों के आसपास नहीं जाने की अपील की है।

चित्रकूट में SDRF की टीम तैनात

बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए SDRF की टीम चित्रकूट में तैनात की गई है। प्रशासन ने राहत और बचाव से जुड़े अमले को अलर्ट मोड पर रखा है।

गुरुवार शाम कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह चित्रकूट पहुंचे। अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।

26 दिन में दूसरी बार बाढ़ जैसे हालात

चित्रकूट में करीब 26 दिन के भीतर दूसरी बार मंदाकिनी के उफान से बाढ़ जैसे हालात बने हैं। इससे पहले 29 और 30 अगस्त को नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था।

उस दौरान मंदाकिनी का जलस्तर 146.74 मीटर तक पहुंच गया था। बाढ़ में कई लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंस गए थे और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाना पड़ा था।

प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। SDRF की टीम को तैनात किया गया है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

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