ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छूटे पात्र लोगों को Form-6 का मौका, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में BLO करेंगे मदद
नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क
दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों और नए युवा मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 25 सितंबर को इसकी जानकारी दी है।
इसके तहत 27 सितंबर 2026 को दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में उन पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का अवसर मिलेगा, जिनका नाम 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है।
18 से 25 साल के युवाओं के लिए अलग कैंप
दिल्ली के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 29 और 30 सितंबर को विशेष नामांकन कैंप लगाए जाएंगे। इनका उद्देश्य 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं और पहली बार मतदाता बनने वाले पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराना है।
इन कैंपों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मौजूद रहेंगे। वे मतदाता सूची और खाली Form-6 उपलब्ध कराएंगे तथा पात्र युवाओं को फॉर्म भरने में सहायता करेंगे। कैंप सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।
1 अक्टूबर तक 18 साल होने वाले भी कर सकेंगे आवेदन
जिन नागरिकों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है और जो 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं या कर लेंगे, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ Form-6 जमा कर सकते हैं। आवेदन ऑफलाइन के साथ-साथ चुनाव आयोग के Voter Services Portal और ECINET ऐप के जरिए ऑनलाइन भी किया जा सकता है।
दिल्ली CEO कार्यालय के अनुसार, Form-6 30 सितंबर 2026 तक ERO, AERO, BLO या निर्धारित मतदान केंद्रों पर जमा किया जा सकता है। SIR की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।
पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने का एक और मौका
दिल्ली चुनाव कार्यालय ने इससे पहले भी 20 सितंबर को विशेष कैंप आयोजित किया था। 27 सितंबर का अभियान ड्राफ्ट मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों को दावा दाखिल करने का एक और अवसर देगा।
दिल्ली CEO कार्यालय ने SIR के संबंध में पहले स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने की स्थिति में पात्र नागरिक Form-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। वहीं, नोटिस जारी होने को स्वतः नाम हटाए जाने के बराबर नहीं माना गया है और संबंधित व्यक्ति को जवाब देने तथा अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है।