नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा इन दिनों दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों में उन्होंने भाग लिया है।
थिएटर से छात्र राजनीति तक का सफर
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेहा बोरा का संबंध उत्तराखंड के खटीमा से है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़ीं। वह थिएटर गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं।
वर्ष 2019-20 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी। इसके बाद वह AISA से जुड़ीं और छात्र अधिकारों से संबंधित आंदोलनों में भाग लेने लगीं। बाद में उन्हें संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
23 दिन की भूख हड़ताल में लिया हिस्सा
नेहा बोरा वर्ष 2026 में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी चर्चा में आईं। प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ 23 दिन तक चली भूख हड़ताल में हिस्सा लिया था।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग उठाई थी। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की थी।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर प्रदर्शन
अक्टूबर 2026 में नेहा बोरा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों के आरोपों और चुनाव आयोग के आधिकारिक पक्ष को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है। मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जवाबों के आधार पर ही की जा सकती है।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत
अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। मीडिया रिपोर्टों में नेहा बोरा का नाम भी हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं में शामिल बताया गया।
इन प्रदर्शनों में छात्र संगठनों के अलावा विपक्षी दलों से जुड़े नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।
AISA और CJP अलग-अलग संगठन
नेहा बोरा AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक अलग संगठन है, जिसके संस्थापक अभिजीत डिपके हैं। दोनों संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची के मुद्दों पर हुए प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं।
दोनों संगठनों की कुछ मांगें समान होने के बावजूद उनकी संगठनात्मक पहचान अलग है। हालिया प्रदर्शनों में विपक्षी दलों के नेताओं की भागीदारी भी सामने आई है।
नेहा बोरा की गतिविधियां फिलहाल छात्र राजनीति, शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं। उनके नेतृत्व वाले संगठन AISA ने विभिन्न छात्र आंदोलनों में भागीदारी की है।