उज्जैन में 2 साल का बच्‍चा बना बाल आरक्षक, एसपी ने खिलाई चॉकलेट

उज्जैन। डिजिटल डेस्क

पिता की वर्दी से जुड़ा रिश्ता अब नन्हे मनवीत के नाम के साथ भी जुड़ गया है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में दो वर्षीय मनवीत को उसके दिवंगत पिता की जगह अनुकंपा के आधार पर बाल आरक्षक नियुक्त किया गया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कराते हुए मनवीत को अपने हाथों से चॉकलेट खिलाई और स्नेह दिया।

ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में हुई थी पिता की मौत

उज्जैन पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरक्षक रणजीत सिंह डोडिया मंदसौर जिले में पदस्थ थे। 26 जनवरी 2026 को सेवा के दौरान सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया था। उनके परिवार में पत्नी ज्योति कुंवर, दो बेटियां और एक बेटा मनवीत है।

पति की मृत्यु के बाद ज्योति कुंवर ने अपने बेटे को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था।

मंदसौर में पद रिक्त नहीं होने पर उज्जैन भेजा गया प्रकरण

मंदसौर जिले में पद रिक्त नहीं होने के कारण नियुक्ति का प्रकरण वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से उज्जैन पुलिस अधीक्षक के पास भेजा गया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर 14 अक्टूबर 2026 को मनवीत को बाल आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई।

पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने इस अवसर पर मनवीत को चॉकलेट खिलाकर स्नेह जताया। नियुक्ति पत्र उसकी मां को सौंपा गया।

पढ़ाई और निर्धारित योग्यताएं पूरी करने के बाद मिलेगी नियमित नियुक्ति

बाल आरक्षक की नियुक्ति का अर्थ यह नहीं है कि दो वर्षीय मनवीत अभी नियमित पुलिस ड्यूटी करेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार निर्धारित आयु, शैक्षणिक और शारीरिक योग्यताएं पूरी करने के बाद ही उसे नियमित आरक्षक के रूप में पदस्थ किया जा सकेगा।

इस मामले में नियमित नियुक्ति के लिए दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने और 18 वर्ष की आयु पूरी करने की शर्त बताई गई है।

पहले भी सामने आ चुके हैं बाल आरक्षक नियुक्ति के मामले

उज्जैन में इससे पहले भी दिवंगत पुलिसकर्मियों के नाबालिग बच्चों को अनुकंपा के आधार पर बाल आरक्षक नियुक्त किए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए मनवीत की नियुक्ति को मध्य प्रदेश का पहला मामला कहना सही नहीं होगा।

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