मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन थाना क्षेत्र के सिहोरा गांव में हुए चर्चित हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। शुक्रवार सुबह तालाब में मिले मोहनलाल गोल्हानी के शव की जांच के दौरान पुलिस को हत्या की आशंका हुई। जांच आगे बढ़ी तो मामला परिवार के भीतर रची गई कथित साजिश तक पहुंच गया। पुलिस के अनुसार मृतक की भाभी और भतीजे ने अपने परिचित युवकों की मदद से हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिलाया।
जांच में सामने आई हत्या की आशंका
शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के पास स्थित तालाब में एक शव देखा, जिसकी पहचान मोहनलाल गोल्हानी के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती पड़ताल के बाद मामला संदिग्ध लगा। पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार मोहनलाल की पत्नी मजदूरी के सिलसिले में अक्सर गांव से बाहर रहती थी और बीच-बीच में घर आती थी। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि मृतक की भाभी गीता और उसका बेटा राहुल इस बात का विरोध करते थे कि मोहनलाल अपनी पत्नी को गांव में रखे। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि राहुल के बीमार होने पर परिवार में जादूटोना को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप हुए थे। पुलिस के मुताबिक इन घटनाओं के बाद परिवार के भीतर तनाव और बढ़ गया। पुलिस का दावा है कि गीता और राहुल ने मोहनलाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जांच में सामने आया कि आरोपियों को लगता था कि मोहनलाल की मौत के बाद उसकी जमीन पर कब्जा करना आसान हो जाएगा। इसी कथित मकसद से हत्या की साजिश रची गई।
खाद उतारने के बहाने बुलाया
पुलिस के अनुसार गुरुवार रात राहुल ने अपने चाचा मोहनलाल को गांव के पास खाद उतारने में मदद के बहाने बुलाया। जब वह वहां पहुंचे तो पहले से मौजूद युवकों ने उन्हें घेर लिया। जांच में पुलिस का कहना है कि इसी दौरान गीता ने आरोपियों को मोहनलाल की लोकेशन उपलब्ध कराई, जिससे वारदात को अंजाम देना आसान हो गया।
गमछे से गला घोंटकर हत्या, फिर तालाब में फेंका शव
पुलिस के मुताबिक चार आरोपियों ने मोहनलाल को पकड़कर गमछे से गला घोंट दिया। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को पास के तालाब में फेंक दिया गया, ताकि मामला दुर्घटना या डूबने का लगे।
डेढ़ लाख की सुपारी, 10 हजार रुपए एडवांस
पुलिस जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि राहुल ने हत्या कराने के लिए अपने साथियों से करीब 1.5 लाख रुपये में सौदा किया था। आरोप है कि वारदात से पहले 10 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे। पुलिस अब पैसों के लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में गीता, राहुल, आकाश अहिरवार, धर्मेंद्र अहिरवार और आशीष काकोड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य आरोपी प्रियांशु यादव अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच जारी है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।