सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन, केंद्र के आश्‍वासन के बाद लिया फैसला

देशभर में परीक्षा प्रणाली और कथित पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन से जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मिले आश्वासनों और संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

अनशन खत्म करने की क्या रही वजह

सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि लंबे समय तक चली बातचीत के बाद कुछ महत्वपूर्ण आश्वासन मिले हैं। साथ ही देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।

केंद्र सरकार ने क्या आश्वासन दिए

सरकार की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने, परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने और कथित पेपर लीक मामलों से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने का भरोसा दिया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार परीक्षा से जुड़े अपराधों पर कड़े कानूनी प्रावधान और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है।

आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद आंदोलन से जुड़े छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध जारी रहेगा। उनका कहना है कि जब तक प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

राष्ट्रीय स्तर पर क्यों अहम है यह घटनाक्रम

पिछले कई सप्ताह से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे में सोनम वांगचुक का अनशन इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन गया था। उनके अनशन समाप्त करने को सरकार और आंदोलन के बीच संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

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