उत्तर प्रदेश के अमरोहा से सामने आई एक अनोखी शादी पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर रील बनाने वाली तीन युवतियों ने अपने ही कैमरामैन से विवाह करने का दावा किया है। शादी का वीडियो वायरल होने के बाद जहां लोग हैरान हैं, वहीं इस फैसले को लेकर कानूनी और सामाजिक बहस भी तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला
मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के धौरिया गांव का है। यहां रहने वाली सरोज, सावित्री और संतोष सोशल मीडिया पर रील्स और शॉर्ट वीडियो बनाती हैं। तीनों के साथ पिछले करीब छह महीने से विकास उर्फ विक्की बतौर कैमरामैन काम कर रहा था और कई वीडियो में पति की भूमिका भी निभाता था।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें चामुंडा मंदिर परिसर में विकास तीनों युवतियों की मांग में सिंदूर भरता और शादी की रस्में निभाता दिखाई देता है। वीडियो सामने आते ही यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
ट्रोलिंग के बाद बताई शादी की वजह
वीडियो वायरल होने के बाद चारों ने एक और वीडियो जारी कर दावा किया कि यह कोई स्क्रिप्टेड रील नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक शादी है। युवतियों का कहना है कि बचपन से वे हमेशा साथ रही हैं और परिवार अलग-अलग जगह शादी तय कर रहा था। ऐसे में उन्हें लगा कि शादी के बाद वे बिछड़ जाएंगी।
उनका कहना है कि उनके सामने केवल दो रास्ते थे—या तो अलग-अलग जीवन जीना या फिर साथ रहने का कोई रास्ता निकालना। इसी वजह से उन्होंने एक ही युवक से विवाह करने का फैसला लिया। विकास ने भी कहा कि वह तीनों के आपसी लगाव को समझता था और उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया।
परिवार शादी में नहीं पहुंचा
रिपोर्टों के अनुसार, शादी के दौरान दोनों परिवारों का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद ही यह मामला लोगों के सामने आया।
कानूनी सवाल भी उठे
इस पूरे मामले ने कानूनी बहस भी छेड़ दी है। हिंदू विवाह कानून के तहत एक समय में एक से अधिक विवाह सामान्य परिस्थितियों में वैध नहीं माने जाते। ऐसे में इस कथित विवाह की कानूनी स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, स्थानीय पुलिस का कहना है कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस अनोखी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत निर्णय बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे सामाजिक और कानूनी परंपराओं के खिलाफ मान रहे हैं। इस बीच यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।