सोनम वांगचुक ने बताया किन 3 मांगों पर बनी सहमति, दूसरा वीडियो जारी कर खोले सरकार से समझौते के राज

26 दिन का अनशन समाप्त करने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दूसरा वीडियो जारी कर केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत और लिखित आश्वासनों का खुलासा किया है। वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि जवाबदेही की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद ही उन्होंने अपना अनशन तोड़ने का फैसला लिया।

26 दिन बाद क्यों खत्म किया अनशन

सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त किया। अनशन तोड़ने के कुछ घंटे बाद जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चली बातचीत के बाद सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने आंदोलन के अगले चरण की ओर बढ़ने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने देश में संभावित हिंसा की आशंका का भी जिक्र किया और समर्थकों से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की अपील की।

पहली मांग: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर नहीं होगी कार्रवाई

वांगचुक ने बताया कि सरकार ने लिखित रूप से आश्वासन दिया है कि आंदोलन में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

दूसरी मांग: परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही पर संसद में होगी चर्चा

दूसरी सहमति परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही को लेकर बनी। वांगचुक के मुताबिक सरकार ने भरोसा दिया है कि कथित पेपर लीक, परीक्षा सुधार और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यही आंदोलन का मुख्य उद्देश्य था और अब सरकार ने इस दिशा में औपचारिक कदम बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

तीसरी मांग: शिक्षा सुधार और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई

वीडियो में वांगचुक ने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसे अपराधों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सरकार परीक्षा संबंधी अपराधों पर सख्त कानूनी प्रावधान और तेज न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में भी काम कर रही है।

आंदोलन खत्म नहीं, जवाबदेही की शुरुआत

वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि अनशन समाप्त होने का मतलब आंदोलन समाप्त होना नहीं है। उन्होंने इसे “End of Hunger… Beginning of Accountability” बताते हुए कहा कि अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों को लागू करने की है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की।

छात्र संगठनों का क्या रुख

वांगचुक के अनशन खत्म होने के बावजूद आंदोलन से जुड़े कई छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उनका कहना है कि जब तक प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

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