नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क
देशभर में 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल अब टल गई है। रविवार रात इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई बैठक के बाद यूनियनों ने हड़ताल और प्रस्तावित आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया।
इस फैसले के बाद सोमवार 28 सितंबर से बैंक सामान्य रूप से खुलेंगे। हालांकि, हड़ताल को स्थायी रूप से खत्म नहीं किया गया है। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों पर अब IBA और UFBU के बीच आगे बातचीत होगी।
आखिर बैंक कर्मचारी हड़ताल क्यों कर रहे थे
बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की थी। इसके तहत सभी शनिवार और रविवार को बैंक कर्मचारियों के लिए अवकाश देने की मांग की जा रही थी।
वर्तमान व्यवस्था में बैंक दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि बाकी शनिवारों को सामान्य बैंकिंग कार्य होता है। पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव 2024 के वेतन समझौते के बाद आगे बढ़ा था, लेकिन इसका अंतिम क्रियान्वयन अब तक नहीं हो सका।
बैंक यूनियनों ने Performance Linked Incentive यानी PLI योजना को लेकर भी आपत्ति जताई थी। खास तौर पर Scale IV और उससे ऊपर के अधिकारियों से जुड़ी PLI व्यवस्था में बदलाव को लेकर यूनियनों और एसोसिएशनों ने संशोधन की मांग की थी।
इसके अलावा पेंशन से जुड़े मुद्दे, लंबित सेवा एवं वेतन संबंधी मामले और मार्च 2024 की बैठकों में दर्ज अन्य लंबित मुद्दे भी यूनियनों के एजेंडे में रहे हैं।
सरकार ने PLI पर पहले ही लिया था फैसला
हड़ताल से पहले केंद्र सरकार ने PLI योजना को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला किया था। वित्त मंत्रालय ने 21 सितंबर को कहा था कि सरकार ने यूनियनों की दो प्रमुख मांगों में से PLI से जुड़ी मांग पर कार्रवाई करते हुए योजना को अबeyance में रखा है। इसके बाद मुख्य विवाद पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था को लागू करने को लेकर रह गया था।
रविवार रात क्या हुआ
27 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे IBA और UFBU के बीच बैठक हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने लंबित मुद्दों पर चर्चा की।
UFBU के 27 सितंबर के सर्कुलर के मुताबिक, सभी शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर IBA और UFBU की एक उच्चस्तरीय समिति तुरंत गठित की जाएगी। समिति सभी विकल्पों पर विचार करेगी और संबंधित पक्षों, खासकर बैंक ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान तलाशेगी।
PLI के मामले में भी IBA और यूनियनों के बीच बातचीत शुरू होगी। Scale IV और उससे ऊपर के अधिकारियों की PLI योजना में बदलाव का प्रस्ताव सरकार के सामने रखने पर चर्चा होगी।
इसके साथ ही 8 मार्च 2024 की बैठक के कार्यवृत्त में दर्ज शेष मुद्दों पर भी दोनों पक्ष जल्द समाधान के लिए बातचीत करेंगे।
हड़ताल क्यों टाली गई
हड़ताल इसलिए स्थगित की गई क्योंकि IBA और UFBU के बीच प्रमुख लंबित मुद्दों पर आगे बातचीत के लिए ठोस प्रक्रिया बनाने पर सहमति बनी।
शनिवार की छुट्टी, PLI और अन्य लंबित मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए समिति और वार्ता की व्यवस्था बनने के बाद UFBU ने अपने प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। इसका मतलब यह है कि मांगें पूरी होने की अंतिम घोषणा नहीं हुई है, बल्कि विवादित मुद्दों पर बातचीत का रास्ता खुला है।
आज से क्या होगा
28 सितंबर से प्रस्तावित हड़ताल स्थगित होने के कारण बैंक शाखाओं में तीन दिन का देशव्यापी बंद नहीं होगा। ग्राहकों को जमा-निकासी, चेक, शाखा संबंधी अन्य कार्यों के लिए सामान्य बैंकिंग व्यवस्था उपलब्ध रहने की उम्मीद है।
सरकार ने पहले प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए 27 सितंबर रविवार को भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को खोलने की व्यवस्था की थी, ताकि ग्राहकों को लगातार छुट्टियों और हड़ताल से परेशानी न हो।