दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 1 नवंबर से, बेंगलुरु-मुंबई का सफर 16 घंटे में

नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क

भारतीय रेलवे लंबी दूरी की रात की यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाने जा रहा है। देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बेंगलुरु और मुंबई के बीच 1 नवंबर 2026 से शुरू किए जाने की घोषणा की गई है। इस सेवा से दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय लगभग 16 घंटे रहने की उम्मीद है।

रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना के अनुसार, नई ट्रेन में 16 वातानुकूलित कोच होंगे और यात्रियों के लिए कुल 823 बर्थ उपलब्ध रहेंगी। यह सेवा कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क को बेहतर बनाने के साथ रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को एक नया विकल्प देगी।

बेंगलुरु-मुंबई के बीच करीब 1118 किलोमीटर का सफर

प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच चलेगी। दोनों शहरों के बीच रेल मार्ग की दूरी करीब 1,118 किलोमीटर बताई गई है।

इस मार्ग पर मौजूदा सीधी ट्रेनों से यात्रा में लगभग 22 से 24 घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है। नई स्लीपर ट्रेन से यात्रा का समय करीब 16 घंटे रहने का अनुमान है। इससे मार्ग और संचालन के आधार पर यात्रियों के लगभग छह से आठ घंटे तक बचने की संभावना है।

यह ट्रेन खास तौर पर उन यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो शाम को सफर शुरू करके अगले दिन अपने गंतव्य पर पहुंचना चाहते हैं।

ट्रेन में होंगे 16 एसी कोच और 823 बर्थ

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में तीन श्रेणियों के कोच प्रस्तावित हैं। इनमें एसी थ्री-टियर, एसी टू-टियर और एसी फर्स्ट क्लास शामिल हैं।

प्रस्तावित कोच संरचना इस प्रकार है:

एसी थ्री-टियर: 11 कोच, 611 बर्थ

एसी टू-टियर: 4 कोच, 188 बर्थ

एसी फर्स्ट क्लास: 1 कोच, 24 बर्थ

कुल क्षमता: 16 कोच और 823 बर्थ

इस व्यवस्था में यात्रियों को बजट और सुविधा के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में यात्रा करने का विकल्प मिलेगा। स्लीपर कॉन्फिगरेशन लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

किन स्टेशनों पर रुक सकती है ट्रेन

प्रस्तावित मार्ग में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के कई प्रमुख स्टेशन शामिल हो सकते हैं। इनमें अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण जैसे स्टेशन शामिल हैं।

हालांकि, अंतिम ठहराव और समय-सारणी की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक अधिसूचना से ही होगी। यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले संबंधित स्टेशन और यात्रा की तारीख के लिए जारी अंतिम विवरण देखना चाहिए।

किराया कितना हो सकता है

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का आधिकारिक किराया अभी घोषित नहीं माना जाना चाहिए। अलग-अलग श्रेणियों के लिए संभावित किराये की जानकारी सामने आई है, लेकिन रेलवे की अंतिम अधिसूचना के बिना किसी राशि को पक्का किराया बताना उचित नहीं होगा।

किराया ट्रेन की श्रेणी, दूरी और लागू रेलवे नियमों के अनुसार तय होगा। टिकट बुकिंग शुरू होने पर यात्रियों को वास्तविक किराये और उपलब्धता की जानकारी मिलेगी।

टिकट बुकिंग कब शुरू होगी

ट्रेन के उद्घाटन या पहली विशेष यात्रा की तारीख और नियमित व्यावसायिक संचालन की शुरुआत अलग-अलग हो सकती है। इसलिए 1 नवंबर को प्रस्तावित उद्घाटन को नियमित टिकट बुकिंग शुरू होने की अंतिम तारीख नहीं मानना चाहिए।

यात्रियों को नियमित सेवा की शुरुआत, ट्रेन नंबर, समय-सारणी और टिकट उपलब्धता के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए। टिकट उपलब्ध होने पर बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी के अधिकृत प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है।

देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा

भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा जनवरी 2026 में हावड़ा और कामाख्या के बीच शुरू की गई थी। बेंगलुरु-मुंबई सेवा इस श्रेणी की दूसरी ट्रेन होगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का उद्देश्य लंबी दूरी के यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ रात में यात्रा का विकल्प देना है। बेंगलुरु और मुंबई जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच इस सेवा से व्यावसायिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

नई ट्रेन की वास्तविक उपयोगिता उसके अंतिम समय-टेबल, किराये, ठहराव और नियमित संचालन पर निर्भर करेगी।

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