मेरठ। डिजिटल डेस्क
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में जिला एवं सत्र अदालत ने बुधवार 30 सितंबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया। करीब 13 महीने चली सुनवाई के दौरान अदालत में 126 पेशियां हुईं और अभियोजन ने 22 गवाह पेश किए।
अदालत ने दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने से जुड़े अपराधों में दोषी माना है। अब दोनों की सजा पर 14 अक्टूबर को सुनवाई होगी। अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की है, लेकिन अंतिम सजा अदालत ही तय करेगी।
3 मार्च 2025 को हुई थी हत्या
यह मामला मार्च 2025 में मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में हुई सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। सौरभ मर्चेंट नेवी में काम कर चुके थे और घटना से पहले विदेश से मेरठ लौटे थे।
अभियोजन के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को सौरभ को नशीला पदार्थ देने के बाद मुस्कान और साहिल ने उनकी हत्या की। इसके बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपाया गया।
नीले ड्रम से सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को ड्रम में सीमेंट और रेत के मिश्रण से छिपाया गया था। मामले का खुलासा तब हुआ जब ड्रम से दुर्गंध आने लगी और 17 मार्च 2025 को पुलिस ने उसे खुलवाया।
इसके बाद जांच आगे बढ़ी और मुस्कान तथा साहिल को गिरफ्तार किया गया। दोनों तब से न्यायिक हिरासत में हैं और बुधवार को अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए।
22 गवाहों के बयान हुए
मामले की सुनवाई करीब 13 महीने चली। इस दौरान अदालत में 126 सुनवाइयां हुईं और अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए।
पुलिस ने करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन ने अदालत में परिस्थितिजन्य, तकनीकी, फोरेंसिक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
जांच के दौरान ड्रम, सीमेंट, रेत और हत्या में इस्तेमाल किए जाने वाले सामान की खरीद से जुड़े साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे गए। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन से जुड़े साक्ष्यों का भी अभियोजन ने उल्लेख किया।
अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हुई
मामले में अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हुई थी। अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी ठहराने और अधिकतम सजा देने की मांग की थी।
बचाव पक्ष ने अभियोजन के आरोपों का विरोध किया था। इसके बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की थी।
अदालत ने दोनों को दोषी माना
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया।
दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश किया गया। दोषसिद्धि के बाद अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की।
14 अक्टूबर को तय होगी सजा
30 सितंबर को अदालत ने केवल दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है। सजा अभी तय नहीं हुई है।
14 अक्टूबर को अदालत दोनों पक्षों को सजा के बिंदु पर सुनेगी। अभियोजन ने मृत्युदंड की मांग की है, जबकि अंतिम दंड का निर्धारण अदालत के आदेश के बाद ही होगा।
सौरभ राजपूत की मां और परिवार के सदस्यों ने दोषसिद्धि के बाद दोनों आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। यह परिवार की मांग है; अदालत द्वारा सजा पर अंतिम निर्णय 14 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के बाद सामने आएगा।