मैहर। डिजिटल डेस्क
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ में पत्नी की हत्या के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायालय, अमरपाटन ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के मुकरने के बावजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना।
न्यायालय ने 30 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी रामचरण बंसल को आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। मामले में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक पंकज पटेल ने पैरवी की।
पत्नी के चरित्र पर था संदेह
अभियोजन के अनुसार, घटना 12 सितंबर 2024 की रात की है। रामगढ़ निवासी रामचरण बंसल अपनी पत्नी ज्योति बंसल के चरित्र पर संदेह करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।
विवाद बढ़ने के बाद आरोपी ने पत्नी के साथ बांस के डंडे और भारी वस्तु से मारपीट की। इस दौरान ज्योति के सिर में गंभीर चोट आई। चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
गवाहों के मुकरने के बाद भी दोषी
मामले की सुनवाई के दौरान प्रत्यक्षदर्शी गवाह अपने पूर्व कथनों से मुकर गए। इसके बावजूद अभियोजन की ओर से पेश किए गए अन्य साक्ष्यों और घटनाक्रम से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का न्यायालय ने परीक्षण किया।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रामचरण बंसल को पत्नी ज्योति बंसल की हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू मृतका के दो छोटे बच्चों से जुड़ा है। ज्योति बंसल अपने पीछे करीब 6 वर्ष और 2 वर्ष उम्र के दो बच्चों को छोड़ गई हैं।
पति को सजा मिलने के बाद दोनों बच्चे अपनी बुआ कमला बंसल के संरक्षण में रह रहे हैं। मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी का सवाल भी सामने आया है।
बच्चों के प्रतिकर के लिए मामला भेजा
न्यायालय ने बच्चों के भविष्य, पालन-पोषण और शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सतना को भेजा है।
अदालत ने बच्चों को नियमानुसार उचित पीड़ित प्रतिकर दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इससे बच्चों को मिलने वाली कानूनी सहायता और प्रतिकर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
30 सितंबर को सुनाया गया फैसला
हत्या की घटना 12 सितंबर 2024 की रात हुई थी। मामले की सुनवाई द्वितीय अपर सत्र न्यायालय, अमरपाटन में चली। करीब दो साल बाद 30 सितंबर को न्यायालय ने आरोपी पति को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।