सतना। डिजिटल डेस्क
नागौद तहसील के 12 गांवों की 821 हेक्टेयर कृषि भूमि डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड को लाइमस्टोन खनन के लिए आवंटित किए जाने के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों किसान सतना पहुंचे। किसानों ने कलेक्ट्रेट स्थित संयुक्त कलेक्टर भवन के मुख्य गेट पर धरना देकर प्रस्तावित खनन परियोजना का विरोध किया।
किसानों का कहना है कि संबंधित क्षेत्र की जमीन जिले की उपजाऊ कृषि भूमि में शामिल है। उनका आरोप है कि खनन परियोजना के लिए भूमि जाने से खेती और ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित होगी। मंगलवार को किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी आपत्तियां रखते हुए प्रस्तावित जनसुनवाई को रोकने की मांग की।
ट्रैक्टर रैली के साथ सतना पहुंचे किसान
किसानों ने बताया कि प्रस्तावित जनसुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद उनकी आपत्तियों का प्रभाव कम हो सकता है। इसी वजह से 12 गांवों के किसान मंगलवार को मौहरी टोल प्लाजा के पास एकत्र हुए।
यहां से किसानों ने ट्रैक्टर रैली शुरू की। दोपहर करीब 12 बजे ट्रैक्टरों का काफिला सतना के लिए रवाना हुआ। सिविल लाइन से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रही रैली को पुलिस ने राजेंद्र नगर के पास रोक दिया।
इसके बाद ट्रैक्टरों को रेलवे मैदान में खड़ा कराया गया और किसानों को पैदल कलेक्ट्रेट तक जाने की अनुमति दी गई। किसान पदयात्रा करते हुए करीब एक बजे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। मंगलवार के प्रदर्शन की जानकारी स्थानीय रिपोर्टों में भी सामने आई है।
कलेक्टर ने किसानों के बीच पहुंचकर लिया ज्ञापन
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद किसानों ने पहले एसडीएम और फिर एडीएम से मिलने की मांग रखी। इसके बाद करीब 25 किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस से मुलाकात की।
कलेक्टर स्वयं प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और किसानों का ज्ञापन लिया। किसानों की आपत्तियों और विरोध को देखते हुए उन्होंने 17 अक्टूबर को प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित करने की घोषणा की।
कलेक्टर के मुताबिक संबंधित किसानों की मांगों के समाधान का प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा गया है।
चार घंटे चला किसानों का धरना
किसानों का धरना करीब चार घंटे तक चला। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने लाइमस्टोन ब्लॉकों के लिए कृषि भूमि आवंटित किए जाने का विरोध किया और अपनी जमीन बचाने की मांग उठाई।
इससे पहले भी सतना में डालमिया सीमेंट को कृषि भूमि लीज पर देने के प्रस्ताव को लेकर किसान विरोध करते रहे हैं। मार्च 2026 में भी रामपुर बघेलान और अमरपाटन क्षेत्र की करीब 3600 एकड़ कृषि भूमि से जुड़े प्रस्ताव के विरोध में किसानों ने आंदोलन और ट्रैक्टर रैली की थी।
मंगलवार का ताजा विरोध नागौद तहसील के 12 गांवों की 821 हेक्टेयर भूमि से जुड़े लाइमस्टोन ब्लॉक आवंटन के खिलाफ था। अब 17 अक्टूबर की प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित होने के बाद किसानों की मांगों पर शासन स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।