सिवनी। डिजिटल डेस्क
मोबाइल में आए संदिग्ध सिस्टम नोटिफिकेशन और अचानक बंद हुए फोन ने सिवनी में दो लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना दिया। दोनों मामलों में ठगों ने मोबाइल का इस्तेमाल कर बैंक और डिजिटल पेमेंट खातों से कुल 1 लाख 59 हजार रुपए निकाल लिए।
पहले मामले में पेट्रोल पंप पर महज 120 रुपए का ऑनलाइन भुगतान करने के कुछ देर बाद युवक के मोबाइल पर सिस्टम इंस्टॉलेशन का नोटिफिकेशन आया। इसके बाद उसके Google Pay खाते से 99 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन हो गया।
दूसरे मामले में एक शिक्षिका का मोबाइल करीब 20 मिनट तक बंद रहा। फोन दोबारा चालू होने के बाद कोई संदिग्ध मैसेज नहीं आया, लेकिन कुछ दिन बाद बैलेंस चेक करने पर खाते से करीब 60 हजार रुपए गायब मिले।
120 रुपए का पेट्रोल भरवाया, फिर आया संदिग्ध नोटिफिकेशन
कोतवाली थाना क्षेत्र के ध्यानचंद वार्ड निवासी जीशानुर्रहिम खान दलसागर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर बाइक में 120 रुपए का पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। उन्होंने भुगतान Google Pay के जरिए किया।
पेट्रोल का भुगतान करने के बाद वह अपनी दुकान पर लौट आए। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर सिस्टम इंस्टॉलेशन के नाम से एक संदिग्ध नोटिफिकेशन आया।
युवक के मुताबिक नोटिफिकेशन आने के बाद मोबाइल में गड़बड़ी शुरू हो गई। इसी दौरान जब वह दुकान पर आए ग्राहक को भुगतान करने के लिए Google Pay खोलने लगे तो पता चला कि उनके खाते से 99 हजार रुपए का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो चुका है।
युवक ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के मामले की जांच शुरू की है।
20 मिनट बंद रहा मोबाइल, बाद में 60 हजार गायब
दूसरा मामला शहर के अशोक वार्ड का है। यहां रहने वाली मिशन कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की शिक्षिका अजरा कुरैशी के बैंक खाते से करीब 60 हजार रुपए निकाल लिए गए।
पुलिस के अनुसार अचानक उनका मोबाइल बंद हो गया था। उन्होंने इसे सॉफ्टवेयर अपडेट की प्रक्रिया समझा और ज्यादा ध्यान नहीं दिया। करीब 20 मिनट बाद मोबाइल अपने आप दोबारा चालू हो गया।
मोबाइल चालू होने के बाद उन्हें पैसे कटने का कोई मैसेज या संदिग्ध लिंक दिखाई नहीं दिया। कुछ दिन बाद जब उन्होंने अपने फोन-पे नंबर से जुड़े खाते का बैलेंस चेक किया तो उसमें केवल 3,700 रुपए बचे थे।
विद्यार्थियों की फीस की रकम थी खाते में
अजरा स्कूल में विद्यार्थियों की परीक्षा फीस का हिसाब-किताब रखती हैं। बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस के करीब 60 हजार रुपए उनके खाते में जमा थे।
विद्यार्थियों के माता-पिता उनकी PhonePe ID पर ऑनलाइन फीस जमा करते थे। इसी खाते से अज्ञात साइबर ठग ने महाराष्ट्र बैंक से जुड़े खाते से करीब 60 हजार रुपए निकाल लिए।
पुलिस दोनों मामलों में मोबाइल और बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
दोनों मामलों में मोबाइल बना ठगी का रास्ता
सिवनी के दोनों मामलों में ठगी का तरीका अलग दिखाई देता है, लेकिन दोनों घटनाओं में मोबाइल की गतिविधि संदिग्ध तरीके से बदलने के बाद खाते से रकम निकली। एक मामले में सिस्टम इंस्टॉलेशन का नोटिफिकेशन आया, जबकि दूसरे में मोबाइल करीब 20 मिनट तक बंद रहा।
ऐसे मामलों में अनजान सिस्टम अपडेट, APK फाइल, स्क्रीन शेयरिंग, रिमोट एक्सेस या संदिग्ध लिंक पर प्रतिक्रिया देना भारी पड़ सकता है। मोबाइल में अचानक ऐसी गतिविधि दिखाई दे तो बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट ऐप का इस्तेमाल रोककर तुरंत संबंधित बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचना देना जरूरी है।