सतना। डिजिटल डेस्क
नाबालिग को बहला-फुसलाकर अगवा करने और दैहिक शोषण के मामले में ढाई साल से अधिक समय से फरार चल रहे आरोपी को कोटर पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए मुंबई और गुजरात के अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदले। पुलिस टीमों ने कई बार दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
सितंबर के दूसरे सप्ताह में साइबर सेल से आरोपी की लोकेशन ठाणे में मिलने के बाद पुलिस टीम महाराष्ट्र रवाना हुई। स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार सुबह सतना लाया गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
2024 में नाबालिग के लापता होने पर दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 की शुरुआत में एक नाबालिग अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर कोटर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
करीब दो सप्ताह की तलाश के बाद नाबालिग को मुंबई से दस्तयाब किया गया। पूछताछ में उसने खम्हरिया निवासी तेजभान गौतम (27) पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और दैहिक शोषण करने का आरोप लगाया।
इसके बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
मुंबई और गुजरात में बदलता रहा ठिकाने
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए मुंबई में लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। कुछ समय उसने गुजरात के अलग-अलग शहरों में भी बिताया।
पुलिस टीमों ने आरोपी की तलाश में महाराष्ट्र और गुजरात में तीन से चार बार दबिश दी, लेकिन हर बार वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही ठिकाना बदल चुका था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक की ओर से इनाम भी घोषित किया गया था।
साइबर सेल ने ठाणे में लोकेशन ट्रेस की
लगातार तलाश के बीच सितंबर के दूसरे सप्ताह में साइबर सेल को आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र के ठाणे में मिली। लोकेशन की पुष्टि के बाद पुलिस टीम को महाराष्ट्र रवाना किया गया।
ठाणे पहुंचने के बाद कोटर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रविवार सुबह उसे सतना लाया गया। पूछताछ पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
ढाई साल बाद पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी
अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी करीब ढाई साल से अधिक समय से फरार था। इस दौरान उसने पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदले। साइबर सेल की मदद से उसकी लोकेशन मिलने के बाद पुलिस को गिरफ्तारी में सफलता मिली।