ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-III को मंजूरी, 1.86 लाख करोड़ की योजना

नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क। केंद्र सरकार ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III यानी GEC-III को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत किया जाएगा।

1.86 लाख करोड़ रुपये का कुल प्रोजेक्ट

केंद्र सरकार के मुताबिक GEC-III का कुल प्रोजेक्ट आउटले 1,86,405 करोड़ रुपये है। इसमें 1,36,378 करोड़ रुपये इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम विकसित करने और 50,000 करोड़ रुपये 50 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए रखे गए हैं।

योजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से कुल 54,082 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसे वित्त वर्ष 2032-33 तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

135 GW नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी

GEC-III के जरिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 135 गीगावाट तक नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी के लिए ट्रांसमिशन व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य सौर और पवन ऊर्जा जैसी परियोजनाओं को ग्रिड से जोड़ना और बिजली की निकासी को आसान बनाना है।

50 GWh बैटरी स्टोरेज सिस्टम

योजना में 50 GWh Battery Energy Storage Systems (BESS) लगाने का भी प्रावधान है। इनका इस्तेमाल ग्रिड में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने, पीक आवर में कटौती कम करने और गैर-सौर घंटों में बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए किया जाएगा।

2035 तक 900 GW गैर-जीवाश्म क्षमता का लक्ष्य

सरकार के अनुसार GEC-III से वर्ष 2035 तक 900 GW स्थापित गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। योजना से पावर सेक्टर के साथ-साथ निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

राज्यों की ट्रांसमिशन एजेंसियां करेंगी क्रियान्वयन

योजना के तहत ग्रीनफील्ड परियोजनाओं को टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग के जरिए लागू किया जाएगा। वहीं मौजूदा नेटवर्क के विस्तार और मजबूती से जुड़े ब्राउनफील्ड कार्य कॉस्ट-प्लस आधार पर किए जाएंगे। राज्यों की ट्रांसमिशन यूटिलिटीज योजना के क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभाएंगी।

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