ग्वालियर। डिजिटल डेस्क
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के भीषण सड़क हादसे में कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ में धान से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर घुस गया। हादसे में 13 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 40 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर है।
रात करीब डेढ़ बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे शीतला माता मंदिर मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान छिनोर की ओर से आ रहा ट्रक अनियंत्रित हो गया और श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में लेते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी हिस्से से टकरा गया।
ट्रक की चपेट में आने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग वाहन और मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।
क्रेन की मदद से शुरू हुआ बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव दल ने क्रेन की मदद से ट्रक को हटाया और नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायलों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी हादसे में घायल हुए। गंभीर रूप से घायल लोगों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
बैरिकेडिंग के बावजूद प्रतिबंधित रास्ते पर कैसे पहुंचा ट्रक
हादसे के बाद मंदिर मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर रुचिका चौहान के शुरुआती बयान के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान इस मार्ग पर बैरिकेड और पुलिस चेक-पॉइंट लगाया गया था। ऐसे में ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने ट्रक की तकनीकी जांच के लिए आरटीओ की टीम भेजी है। फिलहाल हादसे की वजह स्पष्ट नहीं है। शुरुआती स्तर पर ब्रेक फेल होने की बात सामने आई थी, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
मृतकों और घायलों की संख्या पर नजर
हादसे के बाद प्रशासन ने राहत और उपचार की व्यवस्था शुरू की। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 13 बताई गई है। गंभीर घायलों की स्थिति और आधिकारिक अपडेट के साथ यह आंकड़ा बदल सकता है। हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा में संभावित चूक की जांच जारी है।