शिवपुरी। डिजिटल डेस्क
शिवपुरी जिले के खनियाधाना कस्बे में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद फायरिंग का मामला सामने आया है। घटना बुधवार को बस स्टैंड क्षेत्र में हुई, जहां एक व्यक्ति के पैर में गोली के छर्रे लगने की जानकारी सामने आई है। घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद बस स्टैंड इलाके में कुछ देर तनाव की स्थिति बनी रही। मामले में खास बात यह है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और फायरिंग के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस नेता ने लगाया कट्टा तानकर फायरिंग का आरोप
पहली शिकायत नगर परिषद अध्यक्ष छाया साहू के पति और कांग्रेस नेता सतेंद्र साहू की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत के मुताबिक, सतेंद्र साहू बस स्टैंड स्थित अपनी दुकान से स्कूटी पर दूसरी दुकान की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान राजेंद्र सिंह यादव के घर के सामने उन्हें अनिल यादव निवासी मुहासा और उसके साथ 3-4 लोग स्कॉर्पियो के साथ खड़े दिखाई दिए। सतेंद्र साहू का आरोप है कि अनिल यादव ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और कट्टा तानकर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया।
शिकायत के अनुसार, सतेंद्र साहू फायरिंग में बाल-बाल बच गए। इसके बाद उन्होंने अनिल यादव को पकड़ लिया। आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ मौजूद लोगों ने सतेंद्र साहू के साथ मारपीट की, जिससे उनके कंधे और गर्दन के पीछे चोट आई।
दूसरे पक्ष ने भी फायरिंग का आरोप लगाया
दूसरे पक्ष की ओर से भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने खुद को एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता का पिता बताते हुए वर्ष 2025 में दर्ज मामले का उल्लेख किया है।
उसका आरोप है कि उसकी 17 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म के मामले में विवेक यादव और जितेंद्र चंदेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने अपने बयान में सतेंद्र साहू का नाम भी लिया था, लेकिन उनका नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया।
शिकायत में राजनीतिक प्रभाव और समझौते के दबाव के भी आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पैर में छर्रे लगने का दावा
दूसरे पक्ष के शिकायतकर्ता के मुताबिक, बुधवार को वह अपनी पत्नी के साथ बस स्टैंड पर मौजूद था। इसी दौरान सतेंद्र साहू स्कूटी से वहां पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी दौरान फायरिंग हुई और गोली के छर्रे उसके पैर में लगे। उसने पुलिस को दिए बयान में दावा किया कि उसने सतेंद्र साहू को गोली चलाते हुए देखा था।
हालांकि, दूसरी एफआईआर में फायरिंग करने वाले व्यक्ति को फिलहाल अज्ञात बताया गया है।
दोनों एफआईआर की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल की जांच के साथ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को जुटा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि फायरिंग किसने की और विवाद की शुरुआत किस पक्ष से हुई। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।