मैहर में मासूम के बहने की घटना के बाद हरकत में प्रशासन, देर रात मौके पर पहुंचे अधिकारी; पुलिया पर बैरिकेडिंग शुरू

मैहर जिले के भदनपुर में बारिश के तेज बहाव में पांच वर्षीय मासूम के बहने की घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। घटना का वीडियो सामने आने और मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर देर रात अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा इंतजाम शुरू कराए गए।

कलेक्टर के निर्देश पर देर रात मौके पर पहुंचे अधिकारी

मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर शुक्रवार देर रात एसडीएम दिव्या पटेल, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी घटनास्थल पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

पुलिया पर बैरिकेडिंग, जल निकासी सुधारने का काम शुरू

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुलिया के दोनों ओर तत्काल बैरिकेडिंग कराई, ताकि बारिश के दौरान लोग जलमग्न सड़क पार न कर सकें। इसके साथ ही पुलिया के नीचे बने ढोले (पायल) की सफाई का कार्य भी शुरू कराया गया। प्रशासन का कहना है कि जल निकासी बाधित होने से सड़क पर पानी भर रहा था। सफाई पूरी होने के बाद बारिश का पानी आसानी से निकलेगा और सड़क पर तेज बहाव की स्थिति कम होगी।

यह था पूरा मामला

गुरुवार दोपहर लगातार बारिश के बीच भदनपुर के जायसवाल मोहल्ला के पास सड़क पर तेज बहाव था। इसी दौरान अंगत साकेत का पांच वर्षीय पुत्र ऋषभ साकेत, जो स्थानीय माध्यमिक शाला में पहली कक्षा का छात्र है, स्कूल से घर लौटते समय जलमग्न सड़क पार करने लगा। तेज बहाव के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी के साथ बहते हुए पुलिया के ढोले की ओर चला गया। घटना देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

ग्रामीणों की सतर्कता से बची मासूम की जान

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए बहते बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लोगों की तत्परता और साहस के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ।

भविष्य में हादसे रोकने पर प्रशासन का फोकस

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बारिश के मौसम में ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान कर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे। पुलिया और जलभराव वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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