सागर जहरीली शराब कांड में नया मोड़: यूपी पुलिस ने नकारा ललितपुर कनेक्शन, MP के दावे पर मांगे सबूत

सागर। डिजिटल डेस्क

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में अब मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस के दावे आमने-सामने आ गए हैं। सागर पुलिस ने संदिग्ध शराब की सप्लाई का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़ने की बात कही थी, लेकिन ललितपुर पुलिस और आबकारी विभाग ने इस दावे को भ्रामक और निराधार बताया है।

ललितपुर SP बोले- सागर पुलिस की जानकारी भ्रामक

ललितपुर के पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने सागर पुलिस के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें संदिग्ध जहरीली शराब की सप्लाई का तार ललितपुर से जुड़ने की बात कही गई थी।

SP के मुताबिक जिले में इस तरह की अवैध शराब बनाए जाने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सागर पुलिस के पास ललितपुर से जहरीली या अवैध शराब आने से संबंधित कोई तथ्य या साक्ष्य है तो उसे ललितपुर पुलिस के साथ साझा किया जाए।

आबकारी विभाग ने भी दावे को नकारा

ललितपुर के आबकारी विभाग ने भी संयुक्त बयान जारी कर जिले में स्पिरिट और केमिकल से अवैध शराब बनाए जाने की बात से इनकार किया है।

विभाग के मुताबिक, ललितपुर पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। विभाग ने यह भी कहा कि यदि सागर पुलिस की जांच में ललितपुर से जुड़ा कोई तथ्य सामने आया है तो उसे साझा किया जाना चाहिए।

आकाश राय को लेकर भी यूपी पुलिस का जवाब

ललितपुर आबकारी विभाग के बयान में सागर पुलिस की आरोपी सूची में शामिल आकाश राय का भी जिक्र किया गया है। उसे मड़ावरा निवासी बताया गया था, लेकिन यूपी विभाग के अनुसार आकाश राय पिछले करीब 10 वर्षों से सागर के बंडा क्षेत्र में रह रहा है।

यानी यूपी पुलिस का कहना है कि केवल आरोपी का मड़ावरा से जुड़ा होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि जहरीली शराब की सप्लाई ललितपुर से हुई थी।

पहले सागर पुलिस ने बताया था ललितपुर कनेक्शन

इससे पहले सागर पुलिस की जांच में दावा किया गया था कि नकली शराब की सप्लाई का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के ललितपुर तक फैला हो सकता है। जांच में फर्जी रैपर और QR कोड के इस्तेमाल की बात भी सामने आई थी।

इसी आधार पर ललितपुर कनेक्शन की जांच आगे बढ़ाई जा रही थी। कुछ रिपोर्टों में ललितपुर से सागर के सीमावर्ती इलाकों तक कथित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी भी सामने आई थी।

अब ललितपुर पुलिस के आधिकारिक खंडन के बाद जांच का यह पहलू महत्वपूर्ण हो गया है कि आखिर संदिग्ध शराब की असली सप्लाई कहां से हुई थी।

जांच बताएगी शराब कहां बनी और कहां से आई

सागर प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाना है कि शराब कहां तैयार हुई, कहां स्टोर की गई और किस नेटवर्क के जरिए लोगों तक पहुंची। साथ ही संभावित विभागीय लापरवाही की भी जांच होगी।

फिलहाल ललितपुर कनेक्शन साबित या खारिज होने की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। दोनों राज्यों की पुलिस के अलग-अलग दावों के बीच अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ठोस साक्ष्यों के आधार पर शराब की सप्लाई चेन का पता लगाना है।

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