आदिवासी कन्या छात्रावास की छात्राएं पहुंचीं चौकी, अधीक्षिका के खिलाफ शिकायत; चार सदस्यीय जांच दल गठित
छिंदवाड़ा।
कन्या शिक्षा परिसर के आदिवासी कन्या छात्रावास की छात्राओं ने अधीक्षिका के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए धरमटेकड़ी चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। छात्राओं ने अधीक्षिका पर अपशब्द कहने, सजा देने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय दल गठित किया है।
छात्राओं का आरोप है कि अधीक्षिका रजनी उईके उनसे कहती हैं, ‘पढ़-लिखकर क्या करोगी, आखिर में भाग ही जाओगी।’ छात्राओं ने अधीक्षिका पर गाली-गलौच करने और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है।
छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
छात्राओं ने चौकी में दी शिकायत में कहा कि वे अधीक्षिका के कथित व्यवहार से परेशान हैं। उनका आरोप है कि पहले उन्हें आधा नग्न कर घुटने लगवाने और मुर्गा बनने जैसी सजा दी जाती थी।
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल में गाली-गलौच की जाती है और उन्हें ‘भगेलू’ कहकर बुलाया जाता है। घर से लौटने में देरी होने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाने और कथित तौर पर काली-बदसूरत कहकर बुलाने का भी आरोप लगाया गया है।
चौकी के सामने छात्राओं ने किया प्रदर्शन
शिकायत दर्ज कराने के बाद छात्राओं ने धरमटेकड़ी चौकी के सामने काफी देर तक प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले की जानकारी जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों को दी।
इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं को समझाइश दी और उन्हें वापस हॉस्टल पहुंचाया। मामले को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक हॉस्टल में दो अधीक्षिकाएं, विवाद की यह भी वजह
हॉस्टल में चल रहे विवाद की एक वजह अधीक्षक पद को लेकर भी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार जून 2025 से अनीता दाहिया यहां अधीक्षक के पद पर थीं। इसके बाद रजनी उईके का अधीक्षिका पद पर आदेश हुआ और अनीता दाहिया को थोटामाल भेज दिया गया।
इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बीच छात्राओं को चौकी तक लाया गया था।
विभाग के आयुक्त सत्येंद्र मरकाम ने फिलहाल हॉस्टल का प्रभार सरिता परतेती को सौंप दिया है।
चार सदस्यीय दल करेगा मामले की जांच
मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। सहायक आयुक्त श्रीमरकाम के अनुसार सहायक संचालक लक्ष्मीकांत मिश्रा, मंडल संयोजक प्रियंका सैयाम, प्राचार्य जुन्नारदेव एकलव्य विद्यालय चंद्रकला सातनकर और प्राचार्य माध्यमिक शाला गौनी सुजाता आरसे को जांच अधिकारी बनाया गया है।
जांच दल छात्राओं की शिकायत में लगाए गए आरोपों और हॉस्टल की परिस्थितियों की जांच करेगा। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।