मैहर। डिजिटल डेस्क
मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर वेतन और भत्तों के नाम पर करीब 34 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। मैहर पुलिस ने इस मामले में बालाघाट निवासी दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने काम छोड़ चुके मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर कंपनी के खाते से रकम अपने रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई।
पुलिस के मुताबिक, संबंधित कंपनी पुणे की आयोकी फैब्रिकॉन प्राइवेट लिमिटेड है, जो मैहर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री में ठेके पर काम कर रही थी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जैनेन्द्र पातरे (36) और संदीप पातरे (32) के रूप में हुई है। दोनों बालाघाट जिले के हट्टा क्षेत्र के निवासी और आपस में सगे भाई हैं।
एडमिन विभाग में संभालते थे जिम्मेदारी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जैनेन्द्र पातरे कंपनी में एडमिन ऑफिसर और उसका भाई संदीप पातरे असिस्टेंट एडमिन के पद पर कार्यरत था। दोनों के पास मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी, अवकाश, वेतन और भत्तों का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी थी।
इसी व्यवस्था का कथित तौर पर दुरुपयोग कर दोनों ने कंपनी के साथ धोखाधड़ी की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच अलग-अलग कारणों से काम छोड़ चुके 17 मजदूरों की फर्जी हाजिरी दर्ज की।
15 रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में भेजे रुपये
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, फर्जी हाजिरी के आधार पर वेतन और भत्तों के रूप में कंपनी के बैंक खाते से कुल 33 लाख 94 हजार 87 रुपये ट्रांसफर किए गए। यह रकम आरोपियों के 15 रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों में पहुंचाई गई।
पुलिस का आरोप है कि रकम ट्रांसफर करने के लिए मजदूरों के रिकॉर्ड में दर्ज बैंक खातों को चरणबद्ध तरीके से बदलकर उनके स्थान पर करीबियों के खाते दर्ज किए गए। इस तरह लंबे समय तक कंपनी की भुगतान व्यवस्था का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया।
आंतरिक जांच में सामने आई गड़बड़ी
वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में कंपनी प्रबंधन को भुगतान में गड़बड़ी का संदेह हुआ। इसके बाद आंतरिक जांच कराई गई, जिसमें दोनों भाइयों की कथित भूमिका सामने आई।
इसके बाद कंपनी की ओर से असिस्टेंट मैनेजर एडमिन अखिलेश कुमार मिश्रा ने मैहर कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
बालाघाट से गिरफ्तार कर मैहर लाई पुलिस
पुलिस ने 3 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम बालाघाट रवाना की गई।
कई दिनों की तलाश के बाद जैनेन्द्र और संदीप पातरे को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस दोनों को मैहर लेकर आई, जहां पूछताछ के बाद गुरुवार सुबह न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस मामले में कंपनी के रिकॉर्ड, बैंक खातों में हुए लेनदेन और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।