मैहर। डिजिटल डेस्क
मां शारदा की नगरी मैहर ने अपने स्थापना दिवस के तीसरे वर्ष आयोजित गौरव दिवस समारोह में सामूहिक कथक नृत्य के जरिए नया कीर्तिमान बनाया। सोमवार को फुटबॉल मैदान में 3,430 छात्र-छात्राओं ने एक साथ 9 मिनट 24 सेकेंड तक कथक की प्रस्तुति दी। आयोजकों के अनुसार इस सामूहिक प्रस्तुति का नाम एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है।
सैकड़ों छात्राओं और छात्रों की एक साथ लयबद्ध, अनुशासित और मनमोहक प्रस्तुति ने मैदान में मौजूद दर्शकों को आकर्षित किया। पारंपरिक कथक के जरिए विद्यार्थियों ने मैहर की सांस्कृतिक पहचान और प्रतिभा को सामने रखा।
कई दिनों की तैयारी के बाद मैदान में दिखा नजारा
इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सामूहिक प्रस्तुति के लिए पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। विद्यार्थियों ने निर्धारित ताल और लय के साथ एक साथ कथक प्रस्तुत किया।
गौरव दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रस्तुति के दौरान फुटबॉल मैदान का पूरा दृश्य सांस्कृतिक रंग में नजर आया। आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे।
एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने किया अवलोकन
आयोजकों के अनुसार एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने निर्धारित मानकों के अनुसार सामूहिक कथक प्रस्तुति का अवलोकन किया। प्रस्तुति पूरी होने के बाद रिकॉर्ड बनाए जाने की घोषणा की गई।
इसके बाद टीम की ओर से प्रभारी मंत्री राधा सिंह, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह को प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान किए गए।
प्रभारी मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
गौरव दिवस समारोह में जिले की प्रभारी मंत्री राधा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने की।
कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, एडीएम रोशन राय, नंदिता पाठक और कमलेश सुहाने सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत, सामूहिक आरती के साथ समापन
कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदा के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद विद्यार्थियों की सामूहिक कथक प्रस्तुति हुई।
कार्यक्रम का समापन मां शारदा की सामूहिक आरती के साथ किया गया। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि मैहर के बेटे-बेटियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से जिले का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।