सतना। डिजिटल डेस्क
चित्रकूट के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार सोमवार को एक आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त किए जाने के विरोध में मझगवां स्थित वन विभाग के कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए। विधायक के धरने पर बैठने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उनके समर्थन में कार्यालय पहुंच गए।
रात वन कार्यालय में ही गुजरेगी
धरने के दौरान विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने वन विभाग के अधिकारियों से जब्त ट्रैक्टर तत्काल छोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर नहीं छोड़ा गया तो रात वन कार्यालय में ही गुजरेगी।
विधायक ने आरोप लगाया कि वन विभाग आदिवासी ग्रामीणों को परेशान कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों से ग्रामीण का पक्ष सुनने और की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की।
वन विभाग बोला- वन भूमि पर जुताई के मामले में हुई कार्रवाई
चित्रकूट एसडीओ अभिषेक तिवारी और मझगवां रेंजर रंजन सिंह परिहार के अनुसार वन भूमि पर जुताई किए जाने के मामले में वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। इसी कार्रवाई के तहत जुताई में इस्तेमाल ट्रैक्टर जब्त किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जब्ती के बाद नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नियमों के विपरीत ट्रैक्टर को सीधे नहीं छोड़ा जा सकता। स्थिति को देखते हुए एसडीओ, रेंजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
कररिया बीट में जुताई की सूचना पर पहुंची थी टीम
वन विभाग के अनुसार रविवार को मझगवां वन परिक्षेत्र की कररिया बीट के चुनहाहार क्षेत्र में वन भूमि पर जुताई की सूचना मिली थी। मुखबिर की सूचना पर टीम ने कक्ष क्रमांक पी-830 में कार्रवाई की।
रेंजर के मुताबिक मौके पर कुछ लोग ट्रैक्टर से वन भूमि की जुताई करते मिले। टीम ने उनसे भूमि से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन वे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
पूछताछ में ग्राम बिछियन निवासी चुनवाद सिंह द्वारा वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास कराए जाने की बात सामने आने की जानकारी विभाग ने दी। जुताई में इस्तेमाल ट्रैक्टर बिना नंबर का था, जिसे ग्राम हिरौंदी निवासी मणिराज सिंह का बताया गया। मौके पर ट्रैक्टर हिरौंदी निवासी सुखेंद्र सिंह चला रहा था।
वन विभाग ने मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया है। विधायक और ग्रामीण ट्रैक्टर छोड़े जाने की मांग पर धरने पर डटे रहे, जबकि वन विभाग के अधिकारी कार्रवाई को नियमों के तहत बता रहे हैं। देर शाम तक वन कार्यालय के बाहर धरना जारी रहा।