भोपाल। डिजिटल डेस्क
मध्य प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए वर्दीधारी सरकारी सेवाओं में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 29 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।
इस फैसले के तहत पूर्व अग्निवीरों को प्रदेश की पांच तरह की वर्दीधारी सेवाओं में होने वाली भर्तियों में आरक्षण मिलेगा। इसमें पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल (SAF) जवान, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पद शामिल हैं।
किन भर्तियों में कितना आरक्षण
गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। इसी भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत और भूतपूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रहेगा।
विशेष सशस्त्र बल (SAF) की भर्ती में भी अग्निवीरों को 20 प्रतिशत, होमगार्ड को 10 प्रतिशत और भूतपूर्व सैनिकों को 5 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
जेल विभाग के जेल प्रहरी पदों पर अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत, होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत और भूतपूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।
वन और आबकारी विभाग भी शामिल
वन विभाग के वन रक्षक पदों पर पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। यहां होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत और भूतपूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण रहेगा।
वहीं वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत आबकारी आरक्षक के पदों पर भी अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इस भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत और भूतपूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।
हॉरिजॉन्टल आरक्षण का क्या मतलब है
सरकार ने इसे हॉरिजॉन्टल यानी क्षैतिज आरक्षण बताया है। इसका मतलब है कि 20 प्रतिशत आरक्षण अलग से किसी एक सामाजिक वर्ग के लिए नहीं होगा, बल्कि संबंधित सामाजिक श्रेणियों के भीतर लागू किया जाएगा। यानी SC, ST, OBC और अनारक्षित वर्गों में भी पात्र पूर्व अग्निवीर इस आरक्षण का लाभ ले सकेंगे।
अग्निवीरों की चार साल की सेवा के बाद रास्ता
अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल की सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए सेवा के बाद रोजगार का सवाल महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश कैबिनेट का यह फैसला ऐसे युवाओं को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती का एक निर्धारित अवसर देता है।
सरकार के फैसले के अनुसार यह आरक्षण पूर्व अग्निवीरों को पुलिस और अन्य संबंधित वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती के दौरान लागू होगा।
कैबिनेट ने 24,500 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूर किए
अग्निवीरों के आरक्षण के अलावा कैबिनेट ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास परियोजनाओं के लिए 24,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें स्कूलों की गणवेश राशि के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये और अतिथि शिक्षकों के मानदेय की योजना को पांच साल जारी रखने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है।