सतना। डिजिटल डेस्क
नकली टीवी बेचने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला उपभोक्ता आयोग, सतना ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने टीवी की बिक्री राशि 17 हजार रुपये वापस करने के साथ 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। निर्धारित राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
अधिकृत सर्विस सेंटर में खुली नकली टीवी की पोल
भरहुत नगर निवासी देवेश सिंह ने 15 जुलाई 2019 को स्टेशन रोड स्थित नेमी इंटरप्राइजेज से 17 हजार रुपये में एलजी कंपनी की एलईडी टीवी खरीदी थी। कुछ दिन बाद टीवी खराब हो गई, जिसके बाद ग्राहक ने अधिकृत सर्विस सेंटर में शिकायत की।
सर्विस सेंटर में जांच के दौरान ग्राहक को बताया गया कि टीवी एलजी कंपनी का अधिकृत उत्पाद नहीं है। इसके बाद देवेश सिंह ने दुकानदार से संपर्क कर टीवी ठीक कराने या समस्या का समाधान करने को कहा।
आरोप है कि दुकानदार ने ग्राहक के साथ अभद्रता की और टीवी अपने पास रख ली। बाद में टीवी वापस देने से भी इनकार कर दिया गया।
थाने और कंपनी में शिकायत के बाद आयोग पहुंचे
ग्राहक ने मामले की शिकायत पुलिस और संबंधित कंपनी से भी की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अधिवक्ता प्रतीक श्रीवास्तव के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष श्यामाचरण उपाध्याय तथा सदस्य उमेश गिरि और विद्या पांडेय की पीठ ने की।
17 हजार रुपये वापसी के साथ 10 हजार क्षतिपूर्ति
आयोग ने मामले में शिकायत को सही पाते हुए ग्राहक को टीवी की बिक्री राशि 17 हजार रुपये वापस करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने निर्धारित राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज देने का भी आदेश दिया है। आयोग ने नकली उत्पाद की बिक्री को उपभोक्ता के प्रति सेवा में कमी माना है।
कलेक्टर को कार्रवाई के निर्देश
आयोग ने बाजार में ग्राहकों को नकली सामान बेचे जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सतना कलेक्टर को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने अपने आदेश की प्रति कलेक्टर को भेजते हुए बाजार में नकली उत्पादों की बिक्री के संबंध में कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।