सतना। डिजिटल डेस्क
छतरपुर के ड्राइवर से मारपीट कर बोलेरो पिकअप लूटने वाले गिरोह का मैहर कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई पिकअप भोपाल के बैरसिया इलाके से बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड सीताराम उर्फ सुनील ठाकुर निवासी आगरा, उत्तर प्रदेश अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह पहले भी इसी तरह की वारदात कर चुका है।
सरकारी वकील बनकर 5500 रुपए में बुक की पिकअप
उपनिरीक्षक संतोष सिंह उलाड़ी के अनुसार 19 सितंबर को इदरीश मंसूरी (42), निवासी अमानगंज मोहल्ला, छतरपुर की बोलेरो पिकअप एक व्यक्ति ने 5500 रुपए में बुक की थी।
आरोपी ने खुद को सरकारी वकील बताते हुए कहा था कि उसका मैहर से छतरपुर तबादला हो गया है और उसे घर का सामान छतरपुर ले जाना है। किराया तय होने के बाद इदरीश पिकअप लेकर मैहर पहुंचा।
बाइक भिड़ाकर रची लूट की साजिश
पुलिस के मुताबिक पिकअप को अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के पीछे सगमनिया के सुनसान इलाके में ले जाया गया। वहां गिरोह के सदस्यों ने योजना के तहत बाइक को पिकअप से भिड़ा दिया।
इसके बाद बाइक में हुए नुकसान की भरपाई के नाम पर ड्राइवर से विवाद किया गया। आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, रुपए छीने और पिकअप लेकर फरार हो गए।
सीसीटीवी और साइबर सेल से मिला सुराग
घटना की शिकायत के बाद मैहर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मुखबिर तंत्र, साइबर सेल और सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस टीम को भोपाल भेजा गया। वहां बैरसिया इलाके से लूटी गई पिकअप बरामद करते हुए सुभाष पुत्र राजेश कुशवाहा (21), निवासी बैरसिया, भोपाल को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आए तीन अन्य नाम
पुलिस के अनुसार सुभाष से पूछताछ में वारदात की साजिश के संबंध में जानकारी मिली। उसके बयान के आधार पर शिवराम पुत्र राकेश चौधरी (24), निवासी सोनवारी, रजनीश पुत्र सुग्रीव साकेत (27), निवासी डेल्हा और उमेश पुत्र कल्लू साकेत (29), निवासी डोलनी, मैहर को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में मास्टरमाइंड के रूप में सीताराम उर्फ सुनील ठाकुर का नाम सामने आया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
चारों आरोपी जेल भेजे गए
गुरुवार सुबह सुभाष को बरामद पिकअप के साथ मैहर लाया गया। इसके बाद उसे शिवराम, रजनीश और उमेश के साथ न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चारों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार सुनील के खिलाफ मैहर कोतवाली में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वसूली करने का मामला भी दर्ज है। पुलिस अन्य प्रकरणों में भी उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस टीम ने निभाई अहम भूमिका
कार्रवाई में एसआई एसएस दीपांकर, प्रधान आरक्षक जय बागरी, आरक्षक शिवदीप सिंह, अनूप तिवारी, राजेन्द्र सिंह तथा साइबर सेल के आरक्षक सुशील द्विवेदी और संदीप सिंह की भूमिका रही।