आज देशभर में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, MP समेत कई राज्यों में कांग्रेस सड़कों पर

नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार, 25 सितंबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा है। पार्टी की प्रदेश इकाइयों को संबंधित राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकालने के निर्देश दिए गए हैं। मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की तैयारी की गई है।

कांग्रेस का यह विरोध मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई और SIR से जुड़े फैसलों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग को लेकर है। पार्टी ने कहा है कि आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

MP में CEO कार्यालय के घेराव का ऐलान

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भोपाल में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के घेराव और प्रदेश के जिला मुख्यालयों में कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन का कार्यक्रम बनाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 24 सितंबर को इसकी जानकारी दी थी।

पटवारी ने SIR के दौरान मध्यप्रदेश की मतदाता सूची में हुए बदलावों पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रदेश में 5,74,06,143 पंजीकृत मतदाता थे और 5,31,31,983 गणना फॉर्म प्राप्त हुए थे।

कांग्रेस के मुताबिक, दिसंबर 2025 में जारी मसौदा मतदाता सूची में 42,74,160 नाम शामिल नहीं थे। हालांकि, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने स्वयं स्पष्ट किया कि यह अंतिम रूप से हटाए गए नामों की संख्या नहीं थी, क्योंकि बाद में दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया हुई।

पटवारी के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 5,39,81,065 मतदाता दर्ज थे। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से नाम हटाए जाने और बाद में बहाल किए गए नामों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।

कांग्रेस ने क्या-क्या मांगें रखीं

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 24 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस समितियों को 25 सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोगों तक विरोध मार्च निकालने का निर्देश दिया था।

पार्टी की प्रमुख मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना, उनके खिलाफ कार्रवाई और उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा शामिल है।

कांग्रेस ने आंदोलन के दूसरे चरण के तहत 28 सितंबर को जिला कांग्रेस समितियों द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालयों तक मार्च निकालने की भी घोषणा की है।

SIR को लेकर विवाद क्यों बढ़ा?

SIR को लेकर विवाद उस रिपोर्ट के बाद और तेज हुआ जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा आयोग के भीतर कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज कराने का दावा किया गया था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर मतदाता सूची, पंजीकरण, नाम हटाने और चुनावी डेटा से संबंधित फैसलों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। यह रिपोर्ट संबंधित दस्तावेजों और अधिकारियों के बीच दर्ज असहमतियों पर आधारित है।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR की प्रक्रिया पर सवाल और तेज कर दिए हैं।

विपक्ष संसद में भी उठाएगा मुद्दा

SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का विरोध केवल सड़क तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, INDIA ब्लॉक के विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में एक और प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।

विपक्षी दलों की ओर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया, चुनावी डेटा तक पहुंच और SIR में अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग उठाई जा रही है।

28 सितंबर को आंदोलन का अगला चरण

कांग्रेस के कार्यक्रम के अनुसार, 25 सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालयों तक मार्च के बाद 28 सितंबर को जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट कार्यालयों तक विरोध मार्च निकाला जाएगा।

इस तरह SIR को लेकर कांग्रेस का आंदोलन अब राज्य और जिला स्तर तक फैलाने की तैयारी में है। वहीं, SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और चुनाव आयोग के पक्ष के आधार पर ही तय किए जा सकते हैं।

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