नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क।
केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए छह अनिवार्य रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 30 सितंबर 2026 को यह फैसला लिया।
गेहूं का MSP 25 रुपये बढ़ा
सरकार के फैसले के बाद गेहूं का MSP 2,585 रुपये से बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
जौ का MSP 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये, जबकि चने का MSP 5,875 रुपये से बढ़ाकर 5,958 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
सरसों और मसूर के दाम भी बढ़े
रेपसीड और सरसों का MSP 413 रुपये बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। मसूर के MSP में 390 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और नई दर 7,390 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।
कुसुम के MSP में सबसे ज्यादा 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसका नया MSP 7,215 रुपये प्रति क्विंटल होगा।
एक नजर में नई MSP दरें
| फसल | MSP 2026-27 | MSP 2027-28 | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| गेहूं | ₹2,585 | ₹2,610 | ₹25 |
| जौ | ₹2,150 | ₹2,286 | ₹136 |
| चना | ₹5,875 | ₹5,958 | ₹83 |
| मसूर | ₹7,000 | ₹7,390 | ₹390 |
| रेपसीड एवं सरसों | ₹6,200 | ₹6,613 | ₹413 |
| कुसुम | ₹6,540 | ₹7,215 | ₹675 |
लागत के मुकाबले MSP कितना
केंद्र सरकार के मुताबिक नए MSP में उत्पादन लागत के ऊपर 50 से 106 प्रतिशत तक का मार्जिन रखा गया है। गेहूं के लिए यह मार्जिन 106 प्रतिशत, रेपसीड एवं सरसों के लिए 96 प्रतिशत और मसूर के लिए 92 प्रतिशत बताया गया है।
सरकार ने बताया कि MSP बढ़ाने का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना और रबी फसलों में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है।
छह रबी फसलों पर फैसला
रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड-सरसों और कुसुम के MSP में बढ़ोतरी की गई है। इन छह फसलों में सबसे अधिक बढ़ोतरी कुसुम और सबसे कम बढ़ोतरी गेहूं के MSP में हुई है।