भरहुत नगर में 6 मकानों की लीज निरस्त, 24 को नोटिस

858 मकानों वाली कॉलोनी में व्यावसायिक उपयोग पर कार्रवाई तेज, व्यापारी विरोध में

सतना। डिजिटल डेस्क

भरहुत नगर में आवासीय मकानों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई तेज होने से प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ गई है। बोर्ड अब तक 6 मकानों की लीज निरस्त कर चुका है, जबकि 24 भवन मालिकों को व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के नोटिस दिए जा चुके हैं।

कार्रवाई के विरोध में डोर-टू-डोर संपर्क

कार्रवाई से प्रभावित व्यापारी गुरुवार को डोर-टू-डोर संपर्क कर लोगों का समर्थन जुटाते नजर आए। उनका कहना है कि हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई के बाद कई लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए हैं।

प्रभावित लोगों के मुताबिक भरहुत नगर में करीब एक हजार भवनों में किसी न किसी रूप में व्यापारिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उनका दावा है कि सभी भवन कार्रवाई की जद में आए तो करीब एक हजार परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

40 साल पुरानी कॉलोनी, नगर निगम लेता है टैक्स

प्रभावित लोगों का कहना है कि भरहुत नगर करीब 40 साल पुरानी कॉलोनी है। यहां नगर निगम सड़क और अन्य व्यवस्थाओं का रखरखाव करता है। लोगों के मुताबिक नगर निगम की ओर से कमर्शियल टैक्स लिया जाता है और व्यापार के लाइसेंस भी जारी किए जाते रहे हैं।

लोगों का यह भी कहना है कि हाउसिंग बोर्ड के नियमों में 10 साल पुरानी संपत्तियों को फ्री होल्ड करने का प्रावधान होने के बावजूद उन्हें अब तक मालिकाना हक नहीं मिला है।

मास्टर प्लान नहीं बनने का भी मुद्दा

प्रभावित लोगों के मुताबिक सतना का नया मास्टर प्लान नहीं बनने के कारण उन्हें सेमी-कमर्शियल लैंड यूज का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि शहर की कई आवासीय कॉलोनियों में घरों से व्यापारिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

उनका तर्क है कि सिर्फ भरहुत नगर में कार्रवाई होने से बड़ी संख्या में व्यापारी और उनके परिवार प्रभावित होंगे।

विधायक ने कार्रवाई को बताया निंदनीय

बुधवार को विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे सरकार का निंदनीय कदम बताया।

विधायक ने कहा कि भरहुत नगर में लोग वर्षों से स्वरोजगार कर रहे हैं। अचानक कार्रवाई होने से दुकानदारों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

858 आवासीय मकानों की है कॉलोनी

हाउसिंग बोर्ड ने भरहुत नगर में करीब 50 एकड़ क्षेत्र में कॉलोनी विकसित की थी। यहां एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के कुल 858 आवासीय मकान बनाए गए हैं।

हाउसिंग बोर्ड के मुताबिक इनमें से कई मकानों के मूल स्वरूप में बदलाव कर स्कूल, शोरूम, रेस्टोरेंट, क्लीनिक, नर्सिंग होम और कार्यालय संचालित किए जा रहे हैं।

6 मकानों की लीज निरस्त

संपदा अधिकारी मनोज द्विवेदी के मुताबिक व्यावसायिक उपयोग बंद करने के लिए पहले 24 भवन मालिकों को नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद गतिविधियां जारी रहने पर पहले चरण में 6 मकानों की लीज निरस्त की गई है। उन्होंने बताया कि अन्य मामलों में भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *