इंदौर। डिजिटल डेस्क
इंदौर के राजवाड़ा चौक पर रविवार को हुए बस हादसे की जांच में दुर्घटना की वजह को लेकर नया खुलासा सामने आया है। शुरुआती तौर पर बस के ब्रेक फेल होने की बात सामने आई थी, लेकिन चालक के बयान में अब ब्रेक की जगह गलती से एक्सीलेटर दबने की बात सामने आई है।
हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि दो लोग घायल हुए थे। पुलिस बस की तकनीकी स्थिति के साथ चालक की भूमिका की भी जांच कर रही है।
डी मोड में डालते ही आगे बढ़ी बस
बस चालक धनराज गांगले के अनुसार, बस के ऑटोमैटिक गेट सिस्टम में पहले से खराबी थी। सेमलिया के पास गेट में परेशानी आने के बाद सेंसर से गेट बंद होने के बजाय उसे हाथ से बंद करना पड़ रहा था।
हेल्पर ने वर्कशॉप के कर्मचारियों श्रवण और सौरभ को फोन कर गेट की खराबी की जानकारी भी दी थी। राजवाड़ा पहुंचने पर भी बस का गेट खुल गया था।
गेट को दोबारा हाथ से बंद करने के बाद चालक ने बस स्टार्ट कर उसे डी यानी ड्राइव मोड में डाला। इसी दौरान बस अचानक आगे बढ़ गई।
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पहले बताया ब्रेक फेल, फिर एक्सीलेटर दबने की बात
हादसे के बाद चालक ने शुरुआती तौर पर ब्रेक काम नहीं करने की बात कही थी। हालांकि, फोरेंसिक जांच और पूछताछ के दौरान चालक के बयान में बदलाव सामने आया।
चालक के मुताबिक, बस के अचानक आगे बढ़ने पर ब्रेक की जगह गलती से एक्सीलेटर दब गया था। इसके बाद बस नियंत्रण से बाहर होकर आगे बढ़ती चली गई।
पुलिस अब चालक के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
सिर्फ 900 किलोमीटर चली थी बस
पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल इलेक्ट्रिक बस अभी करीब 900 किलोमीटर ही चली थी। यह ऑटोमैटिक सिस्टम से संचालित होती है।
पुलिस अब बस की मैकेनिकल जांच भी कराएगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बस के गेट में आई खराबी और ब्रेक सिस्टम के बीच कोई तकनीकी संबंध था या नहीं।
फोरेंसिक टीम ने हादसे के दिन ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। बस की गति, चालक की भूमिका और वाहन की तकनीकी स्थिति समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद बस पर पथराव
बस की चपेट में आने के बाद राजवाड़ा चौक पर अफरा-तफरी मच गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बस में सवार यात्रियों को बाहर निकाला।
हादसे से नाराज कुछ लोगों ने बस पर पथराव कर दिया, जिससे उसके शीशे टूट गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
इंदौर में चल रही हैं 70 ई-बसें
एआईसीटीएसएल के सीईओ अर्थ जैन के अनुसार, पीएम ई-सेवा के तहत इंदौर में फिलहाल 70 ई-बसें संचालित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि सभी बसें इसी वर्ष निर्मित हुई हैं और आरटीओ फिटनेस समेत आवश्यक नियमों के तहत संचालित की जा रही हैं।
बस चालकों की नियुक्ति ग्रीन सेल मोबिलिटी एजेंसी द्वारा किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
हादसे की जांच में अब तकनीकी पहलू अहम
राजवाड़ा हादसे के बाद पुलिस के सामने अब दो प्रमुख पहलू हैं। पहला, बस के गेट में आई खराबी और दूसरा, बस के अचानक आगे बढ़ने के दौरान चालक द्वारा ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दबाया जाना।
पुलिस फोरेंसिक और मैकेनिकल जांच के जरिए यह स्पष्ट करने में जुटी है कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या चालक की गलती की भी इसमें भूमिका रही।