सतना। डिजिटल डेस्क
किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने वाले मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम के रेवरा प्रक्षेत्र में खरीफ फसल की बड़े पैमाने पर बर्बादी का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, धान सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर निगम के सचिव ने रेवरा प्रक्षेत्र के प्रबंधक अम्बरीष तिवारी को हटाकर जबलपुर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
बताया गया है कि धान की फसल बुआई के बाद उचित देखरेख नहीं मिलने के कारण बालियां आने से पहले ही सूख गई। इससे फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए निगम ने नुकसान का आकलन करने के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
बीज विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके सिन्हा की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर सचिव ने 11 अक्टूबर को आदेश जारी किया। इसके तहत रेवरा प्रक्षेत्र के प्रबंधक अम्बरीष तिवारी को हटाकर जबलपुर मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
उनके स्थान पर पन्ना जिले के जनकपुर प्रक्षेत्र के प्रभारी चंद्रभान सिंह को रेवरा प्रक्षेत्र का नया प्रबंधक नियुक्त किया गया है। हालांकि, फसल बर्बादी के लिए जिम्मेदारी और नुकसान के वास्तविक कारणों का अंतिम निर्धारण जांच रिपोर्ट के बाद होगा।
सात दिन में रिपोर्ट देगी जांच समिति
निगम के सचिव ने फसलवार नुकसान का आकलन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को सात दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि किन फसलों को कितना नुकसान हुआ और इसके पीछे क्या कारण रहे। नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध वसूली की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
आंकड़ों में फसल का नुकसान
निगम के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रेवरा प्रक्षेत्र का कुल पंजीकृत रकबा 67.800 हेक्टेयर बताया गया है। इसमें 19.500 हेक्टेयर फसल नष्ट होने और लगभग 48.500 हेक्टेयर में फसल शेष रहने का उल्लेख है। फसल उत्पादन में करीब 600 क्विंटल की क्षति का अनुमान भी दिया गया है।
हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में कुल रकबे और नष्ट तथा शेष रकबे का जोड़ पूरी तरह मेल नहीं खाता। इसलिए अंतिम आंकड़ों की आधिकारिक रिपोर्ट से पुष्टि जरूरी है।
नुकसान की रिपोर्ट के आधार पर होगी वसूली
बीज विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके सिन्हा के अनुसार, खरीफ फसल की बर्बादी के मामले में मुख्यालय स्तर पर समिति गठित की गई है। उन्होंने कहा कि फसल खराब होने से हुई क्षति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अब जांच समिति की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि फसल बर्बादी की वजह क्या रही और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।