सतना। डिजिटल डेस्क
सतना सेंट्रल जेल से फरार हुए आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी अच्छेलाल प्रजापति को पांच दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया। गोशाला में काम के दौरान फरार हुआ बंदी मैहर जिले के घुनवारा में अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ था। मुखबिर से मिली सूचना के बाद जेल की विशेष टीम ने उसे पकड़ लिया।
मुखबिर की सूचना पर घुनवारा में दबिश
जेल अधीक्षक लीना कोष्टा के मुताबिक, फरार बंदी की तलाश में कोलगवां पुलिस और जेल की टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। कई दिनों की तलाश के बाद 10 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली कि अच्छेलाल प्रजापति घुनवारा में अपने किसी रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ है।
सूचना मिलते ही अमदरा पुलिस को अलर्ट किया गया और सतना से जेल की विशेष टीम रवाना की गई। टीम ने देर शाम घुनवारा पहुंचकर बंदी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे सतना लाकर आगे की कार्रवाई के लिए कोलगवां पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
गोशाला में काम के दौरान हो गया था फरार
अच्छेलाल प्रजापति (52), निवासी पड़क्का-नादन टोला, थाना अमरपाटन, पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उसे 14 अक्टूबर 2014 को सजा सुनाई गई थी।
जेल में अच्छे चाल-चलन के आधार पर वर्ष 2022 से उसे गोशाला में काम करने की जिम्मेदारी दी जा रही थी। वह अब तक 15 बार पैरोल का लाभ भी उठा चुका था।
इसके बावजूद 6 अक्टूबर को गोशाला जाने के बाद वह नित्यक्रिया के बहाने फरार हो गया। बताया गया है कि वह पैदल रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन के जरिए अमदरा चला गया।
फरारी में मदद करने वालों की भी होगी जांच
बंदी के फरार होने के मामले में कोलगवां थाने में अपराध दर्ज कराया गया था। जेल प्रशासन के मुताबिक, बंदी की तलाश के साथ-साथ फरारी और छिपने में मदद करने वालों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
गिरफ्तारी में जेल टीम की अहम भूमिका
बंदी की तलाश और गिरफ्तारी में उप जेल अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी, सहायक जेल अधीक्षक पवई अभिमन्यु पांडेय, प्रहरी अर्जुन रावत, भीमलाल बागरी, संतोष विश्वकर्मा और सुशील प्रजापति ने अहम भूमिका निभाई।
पांच दिन तक तलाश के बाद बंदी की गिरफ्तारी से जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अब मामले में फरारी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।