मैहर। डिजिटल डेस्क
मैहर में शारदेय नवरात्र मेले के दौरान मां शारदा के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नौ दिवसीय मेले में पहले दिन करीब 2 लाख भक्तों के आने का अनुमान है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यापक तैयारी की है।
एसएएफ की 4 कंपनियां संभालेंगी सुरक्षा
पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय और आईजी कार्यालय से करीब 500 जवान उपलब्ध कराए गए हैं। इनके अलावा जिले के 150 जवान भी मेले में तैनात रहेंगे।
पूरी सुरक्षा व्यवस्था की कमान एडिशनल एसपी डॉ. चंचल नागर को सौंपी गई है। मेले में एक एडिशनल एसपी, सात डीएसपी, 12 इंस्पेक्टर और एसएएफ की चार कंपनियों सहित करीब 650 जवान नौ दिनों तक सुरक्षा संभालेंगे।
ज्यादातर पुलिस बल शनिवार शाम तक मैहर पहुंच गया था। अरकंडी चौकी परिसर में पुलिस अधीक्षक ने जवानों को सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
दो ड्रोन और 125 से ज्यादा सीसीटीवी से निगरानी
मेले में भीड़ पर नजर रखने के लिए दो ड्रोन कैमरे और 125 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहेंगे। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में भी मेला परिसर में भ्रमण करेंगे, ताकि जेबकतरों, चोरों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
भीड़ में परिवार से बिछड़ने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सहायता के लिए भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। कंट्रोल रूम की मदद से बिछड़े लोगों को उनके परिजनों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
मेला क्षेत्र में पैदल गश्त के साथ पहाड़ी इलाकों में बाइक से पेट्रोलिंग भी की जाएगी। गर्भगृह में तीन शिफ्ट और शेष मेला क्षेत्र में दो शिफ्ट में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
भारी वाहनों की नो-एंट्री, बसों के लिए अस्थायी पार्किंग
नवरात्र मेले के दौरान मैहर नगर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग मार्गों से आने वाली बसों और निजी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था बनाई गई है।
सतना, नागौद और उचेहरा की तरफ जाने वाली नियमित यात्री बसों को बड़ी माई मंदिर के सामने खाली मैदान में रोका जाएगा। यहां से यात्री ऑटो या ई-रिक्शा से आगे जा सकेंगे।
रीवा, अमरपाटन, रामनगर और कटनी की तरफ से आने वाली बसों के लिए आईसीएच मोड़ से करीब 100 मीटर अंदर खाली मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
चार पहिया वाहनों के लिए फॉरेस्ट बैरियर के सामने पार्किंग बनाई गई है। वहीं टूरिस्ट बसों, ट्रैक्टर और पिकअप वाहनों को नगर पालिका बस स्टैंड में जगह दी जाएगी।
50 ई-रिक्शा को जारी होंगे परमिट
श्रद्धालुओं को पार्किंग से आगे तक पहुंचाने के लिए 50 ई-रिक्शा को परमिट जारी किए गए हैं। ये ई-रिक्शा फॉरेस्ट बैरियर तक संचालित होंगे।
पार्किंग और यातायात व्यवस्था का उद्देश्य मेले के दौरान नगर में जाम की स्थिति से बचना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु रखना है।
वन विभाग और अग्निशमन टीम भी तैनात
मैहर के पहाड़ी क्षेत्र में जंगली जानवरों और जहरीले जीव-जंतुओं की आवाजाही की आशंका को देखते हुए वन विभाग के पांच कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
अग्नि सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र में 33 अग्निशमन सिलेंडर रखे गए हैं। इसके साथ दमकल वाहन और अग्निशमन कर्मियों की भी तैनाती की गई है।
मेले के दौरान रोपवे सुबह 6 बजे से रात 10:30 बजे तक संचालित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, पार्किंग और रोपवे से जुड़े निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बातें
- मैहर नगर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
- निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े करें।
- पार्किंग से आगे जाने के लिए उपलब्ध ऑटो और ई-रिक्शा का उपयोग करें।
- भीड़ में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- किसी संदिग्ध गतिविधि या परेशानी की स्थिति में पुलिसकर्मियों से संपर्क करें।
- नौ दिनों तक चलने वाले मेले में पुलिस, वन विभाग और अग्निशमन दल की तैनाती से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान रहेगा।