सतना।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत शनिवार को सतना केंद्रीय जेल का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का नेतृत्व प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष गीता सोलंकी ने किया। इस दौरान न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी ली। निरीक्षण दल में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस., पुलिस अधीक्षक डॉ. हंसराज सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार सोनिधिया, वरिष्ठ न्यायाधीश एवं जिला रजिस्ट्रार पुष्पराज सिंह उइके तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रूपाली सिंह उइके शामिल रहे।
महिला वार्ड और पाकशाला का किया निरीक्षण
संयुक्त दल ने जेल के महिला वार्ड, पाकशाला और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान किसी भी बंदी ने भेदभाव या अन्य गंभीर शिकायत नहीं की।
अधिकारियों ने खुद चखा बंदियों का भोजन
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल की रसोई में तैयार बंदियों का भोजन स्वयं चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच की। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया तथा व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया।
जेल स्टाफ भी रहा मौजूद
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक लीना कोष्टा, उप अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी एवं सोनेवीर सिंह कुशवाह, कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार तिवारी, सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा सिंह, अनिल प्रताप सिंह सहित जेल का अन्य स्टाफ मौजूद रहा। संयुक्त निरीक्षण का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप जेलों में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता और समग्र व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।