सतना। डिजिटल डेस्क
सतना की गांधी फल-सब्जी मंडी में लहसुन के अवैध स्टॉक और कारोबार का मामला सामने आया है। एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया और कृषि उपज मंडी प्रशासन की संयुक्त टीम ने शनिवार को डिलौरा स्थित मंडी में औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान दो फर्मों से करीब 13 लाख रुपये कीमत का 83 क्विंटल लहसुन जब्त किया गया। जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के सीहोर से प्रयागराज भेजने के लिए तैयार किए गए मंडी दस्तावेजों के बावजूद लहसुन सतना में उतारकर बेचा जा रहा था। एक अन्य कारोबारी की दुकान बंद मिलने पर उसे सीज कर दिया गया। बाद में इसी फर्म से जुड़ा लहसुन से लदा ट्रक भी पकड़ा गया।
दो फर्मों से 83 क्विंटल लहसुन जब्त
एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया और मंडी सचिव करुणेश तिवारी के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने गांधी फल-सब्जी मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान दो फर्मों में लहसुन का स्टॉक मिला, जिसके वैधानिक दस्तावेज अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
आनंद कुशवाहा की फर्म कामना ट्रेडर्स में 7.53 लाख रुपये कीमत का 48 क्विंटल लहसुन मिला। वहीं, चंदन कछवाहा की फर्म चंदन कुमार लाल प्रसाद से 5.49 लाख रुपये कीमत का 35 क्विंटल लहसुन जब्त किया गया।
दोनों फर्मों से कुल 83 क्विंटल लहसुन जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई गई है। मंडी प्रशासन ने दोनों फर्म संचालकों के खिलाफ मध्य प्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है।
सीहोर से प्रयागराज के लिए बने थे दस्तावेज
जांच के दौरान कामना ट्रेडर्स में मिले लहसुन के संबंध में सीहोर मंडी से प्रयागराज भेजे जाने के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। अधिकारियों ने इन दस्तावेजों को सतना में लहसुन उतारने और बेचने के लिए वैध नहीं माना।
मंडी प्रशासन के अनुसार, दस्तावेजों में कृषि उपज को प्रदेश से बाहर प्रयागराज भेजने का उल्लेख था, जबकि लहसुन सतना में उतारकर बेचा जा रहा था। इसी आधार पर स्टॉक को जब्त कर कार्रवाई की गई।
यह मामला कृषि उपज के परिवहन दस्तावेजों और वास्तविक गंतव्य के बीच अंतर से जुड़ा है। मंडी प्रशासन ने संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया है।
दुकान बंद कर भागा कारोबारी, फर्म सीज
निरीक्षण के दौरान मुकेश कुशवाहा की फर्म सतना प्याज भंडार पर भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी मिलने पर कारोबारी दुकान में ताला लगाकर वहां से चला गया। इसके बाद मंडी प्रशासन ने दुकान को सीज कर दिया।
इसी फर्म से संबंधित एक ट्रक को देर शाम जांच के दौरान पकड़ा गया। ट्रक क्रमांक MP 04 HE 5847 में करीब 4.41 लाख रुपये कीमत का 30 क्विंटल लहसुन लोड था।
ट्रक चालक ने बताया कि लहसुन सीहोर से लोड किया गया था और उसे सतना में उतारना था। हालांकि, ट्रक के दस्तावेज सीहोर मंडी से प्रयागराज के लिए बने हुए थे। मंडी प्रशासन इस मामले में भी दस्तावेजों और लहसुन के परिवहन की जांच कर रहा है।
लहसुन पर 1.50 प्रतिशत मंडी शुल्क
कृषि उपज मंडी में लहसुन के कारोबार पर मंडी शुल्क लागू होता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लहसुन पर 1.50 प्रतिशत मंडी शुल्क निर्धारित है।
मंडी प्रशासन का कहना है कि निरीक्षण के दौरान वैधानिक दस्तावेज नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई। साथ ही, कार्रवाई नहीं करने के मामले में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
संयुक्त कार्रवाई में मंडी निरीक्षक पंकज सिंह चौहान, प्रमोद शर्मा, उप निरीक्षक केपी सिंह, लक्ष्मीकांत शुक्ला, शशिधर तिवारी सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
मंडी सचिव ने क्या कहा
कृषि उपज मंडी समिति सतना के सचिव करुणेश तिवारी के अनुसार, गांधी फल-सब्जी मंडी में लहसुन के अवैध स्टॉक की जांच की गई। इस दौरान करीब 13 लाख रुपये कीमत का 83 क्विंटल लहसुन जब्त किया गया। कारोबारियों के पास वैधानिक दस्तावेज नहीं मिले और प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया है।
मंडी प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब संबंधित फर्मों के दस्तावेजों, लहसुन के परिवहन और बिक्री से जुड़े मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।