सतना। डिजिटल डेस्क
छात्रा का धोखे से अपहरण कर बंधक बनाने और मारपीट करने के मामले में 12वें अपर सत्र न्यायाधीश दीनानाथ वाडीवा ने आरोपी युवती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले में कोलगवां थाना पुलिस ने बीएनएस की 10 धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस को इसी मामले में तीन अन्य आरोपी युवतियों की भी तलाश है।
आरोपी युवती की ओर से अग्रिम जमानत के लिए सोमवार को सेशन कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को राहत मिलने पर दोबारा अपराध करने की आशंका है। साथ ही गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों पर असर पड़ने की संभावना भी जताई गई।
पीड़िता के कॉलेज जाने पर भी असर
पीड़िता की ओर से अधिवक्ता ने भी अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया। कोर्ट में बताया गया कि घटना के बाद पीड़िता भयभीत है और इसी वजह से कॉलेज नहीं जा पा रही है। वह फिलहाल घर पर ही रह रही है।
मामले की सुनवाई के दौरान 12वें अपर सत्र न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखा। कोर्ट ने प्रथमदृष्टया यह भी माना कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवेदिका के घटना में शामिल नहीं होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके बाद अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
छात्रा पर 10 महीने से दबाव बनाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मामले में न्यायिक हिरासत के बाद सेंट्रल जेल भेजे गए 19 वर्षीय आरोपी छात्र श्रवण सेन उर्फ श्रवण श्रीवास पर छात्रा से फिजिकल रिलेशन बनाने का दबाव डालने का आरोप है। आरोप है कि वह करीब 10 महीने से छात्रा को अलग-अलग तरीके से परेशान कर रहा था।
आरोप है कि जब छात्र अपने प्रयास में सफल नहीं हुआ तो उसने दबाव बनाने के लिए अपनी एक परिचित युवती को छात्रा के पीछे लगाया। इसके बाद आरोपी युवती और उसकी तीन सहेलियों पर छात्रा का धोखे से अपहरण करने का आरोप है।
वीराने में ले जाकर मारपीट करने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, छात्रा को बंधक बनाकर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। वहां उसके साथ मारपीट की गई और घटना का वीडियो भी बनवाया गया।
आरोप है कि वीडियो कॉल के जरिए छात्रा को श्रवण से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद छात्रा की पिटाई का वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल किए जाने का भी आरोप है।
10 धाराओं में दर्ज है मामला
कोलगवां थाना पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 3(5), 74, 75(2)3, 78(2), 79, 61(2) और 140(3) के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस मामले में आरोपी युवतियों की भूमिका की जांच कर रही है। इसी प्रकरण में तीन अन्य आरोपी युवतियों की तलाश किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच और साक्ष्यों पर कोर्ट की नजर
पुलिस की ओर से अदालत में यह आशंका जताई गई कि आरोपी को अग्रिम जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है और मामले से जुड़े साक्ष्यों पर असर पड़ सकता है। अदालत ने प्रकरण की गंभीरता और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।