पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, 30 सितंबर को पेशी

पन्ना। डिजिटल डेस्क
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने अवमानना मामले में पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने पन्ना पुलिस अधीक्षक को वारंट की तामील कराने और कलेक्टर को 30 सितंबर 2026 को अदालत में पेश कराने के निर्देश दिए हैं।

नियमितीकरण से जुड़ा है मामला

मामला पन्ना कलेक्टर कार्यालय की सेवानिवृत्त सेक्शन ऑफिसर जाविन आरा रिजवी की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। उन्होंने सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को मूल याचिका का निराकरण करते हुए संबंधित अभ्यावेदन पर 90 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने का आरोप लगाते हुए बाद में अवमानना याचिका दायर की गई।

नोटिस के बाद भी अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं हुई

अवमानना याचिका पर 4 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि कलेक्टर की ओर से न तो अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई गई और न ही पूर्व आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट पेश की गई।

रिकॉर्ड के अनुसार, कलेक्टर ने 5 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर नोटिस प्राप्त होने की जानकारी दी थी। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय की स्थापना शाखा के प्रभारी अधिकारी को मामले के लिए संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया था।

30 सितंबर को हाईकोर्ट में पेशी

मामले की परिस्थितियों को देखते हुए एकलपीठ ने कलेक्टर की न्यायालय में उपस्थिति और पूर्व आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

कोर्ट ने वारंट की तामील की जिम्मेदारी पन्ना एसपी को सौंपी है। अब मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को होगी, जिसमें कलेक्टर उषा परमार को अदालत के समक्ष पेश कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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