सतना। डिजिटल डेस्क
अमृत परियोजना के पेयजल घटक के तहत पाइपलाइन विस्तार और उच्चस्तरीय टंकियों के निर्माण में लगातार हो रही देरी पर नगर निगम सतना ने सख्त कार्रवाई की है। निगम ने जियो मिलर एंड कंपनी प्रा.लि. का अनुबंध समाप्त कर दिया है। साथ ही फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
नगर निगम की ओर से 1 अक्टूबर 2026 को जारी सूचना के मुताबिक, अमृत परियोजना के तहत विछाई गई पाइपलाइन के बाद शेष क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार और शहर के विभिन्न हिस्सों में चार उच्चस्तरीय टंकियों का निर्माण जियो मिलर एंड कंपनी को लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से दिया गया था।
तय समय बीता, फिर भी अधूरे रहे काम
नगर निगम के अनुसार काम पूरा करने की मूल अवधि 21 दिसंबर 2023 निर्धारित थी। फर्म के अनुरोध पर काम पूरा करने के लिए तीन महीने की समयावधि बढ़ाकर अंतिम तिथि 31 मार्च 2024 की गई थी।
इसके बावजूद निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं किया गया। निगम का कहना है कि इसके बाद भी करीब 18 महीने बीत चुके हैं, लेकिन कई स्थानों पर काम अधूरा है।
विभागीय जानकारी के मुताबिक, कुछ स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों का समुचित रेस्टोरेशन नहीं किया गया। पाइपलाइनों की टेस्टिंग नहीं हुई और आपूर्ति के लिए लगाए गए मोटर पंपों को स्थापित कर चालू भी नहीं किया गया। जीएलएसआर और डब्ल्यूटीपी के निर्माण का काम भी अधूरा बताया गया है।
नोटिस के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
नगर निगम ने काम में देरी को लेकर 25 सितंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी कर फर्म से स्पष्टीकरण मांगा था। निगम के अनुसार निर्धारित समय में फर्म की ओर से संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
निगम का कहना है कि फर्म द्वारा पर्याप्त मैनपावर नहीं लगाने के साथ-साथ कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। इनमें कार्ययोजना और वर्क प्लान प्रस्तुत नहीं करना, वर्क प्रोग्राम तैयार नहीं करना, अनुभवी श्रमिकों का पर्याप्त उपयोग नहीं करना और निर्धारित मानकों की सामग्री का उपयोग नहीं करना शामिल है।
इसके अलावा कई स्थानों पर पाइपलाइन को निर्धारित गहराई तक नहीं बिछाए जाने का भी उल्लेख निगम की ओर से किया गया है।
अनुबंध खत्म, ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव
इन परिस्थितियों को देखते हुए नगर निगम ने 1 अक्टूबर 2026 को जियो मिलर एंड कंपनी प्रा.लि. का अनुबंध समाप्त कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम सतना के साथ फर्म के व्यावसायिक संबंध समाप्त करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
नगर निगम के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य अमृत परियोजना के अधूरे काम को जल्द पूरा कर शहरवासियों को पेयजल परियोजना का लाभ उपलब्ध कराना है।
अधूरे काम के लिए नए सिरे से होगी निविदा
नगर निगम ने अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। इसके लिए शेष कार्यों का पुनर्मूल्यांकन कर रिस्क एंड कॉस्ट के आधार पर नई निविदा जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
निगम का कहना है कि इससे अमृत परियोजना के अधूरे काम जल्द पूरे कराकर शहरवासियों को इसका लाभ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।