सतना। डिजिटल डेस्क
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से मैहर के अमरपाटन रेंज में पहुंचा कॉलर आईडी वाला जंगली हाथी ई-5 (सी-4) 22 दिन बाद सोमवार सुबह बाणसागर डैम लौट आया। हाथी रामनगर के शहरी क्षेत्र से होते हुए डैम तक पहुंचा और पानी में उतर गया।
वन विभाग के अनुसार हाथी करीब 3 से 4 किलोमीटर पानी में तैरकर डैम के एक टापू पर पहुंच गया है। फिलहाल मैहर वन मंडल और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीमें डैम के किनारे से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
6 कुमकी हाथियों के साथ चल रही थी निगरानी
ई-5 के रेस्क्यू और निगरानी के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से छह कुमकी हाथी लाए गए थे। टीम कॉलर आईडी के जरिए लगातार उसकी लोकेशन पर नजर रख रही थी।
23 सितंबर को गोरसरी पहाड़ पर हाथी के रेस्क्यू की स्थिति बनी थी। करीब 150 लोगों की टीम और छह कुमकी हाथियों के साथ अभियान चलाया गया, लेकिन बारिश के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा।
रात में रामनगर के शहरी क्षेत्र में पहुंचा
27 सितंबर की रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच हाथी गोरसरी पहाड़ी से उतरकर रामनगर के शहरी क्षेत्र में पहुंच गया। उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
कुछ लोगों ने वाहनों के हॉर्न बजाकर हाथी को खदेड़ने की कोशिश की। इसके बाद हाथी हरदुआ, गंजास, पुरैना और मड़करा की ओर से बाणसागर डैम की तरफ बढ़ गया।
सुबह डैम में उतरा, तैरकर टापू पर पहुंचा
सोमवार सुबह करीब 6 बजे हाथी ललुआ बीट के कक्ष क्रमांक 637 की तरफ पहुंचा। यहां से वह बाणसागर डैम में उतर गया।
वन विभाग के अनुसार हाथी करीब 3-4 किलोमीटर तैरकर डैम के एक टापू पर पहुंचा है। टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।
रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी के अनुसार हाथी अब बांधवगढ़ की ओर वापस जाने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। हालांकि सरसी आइसलैंड पार करने तक उसकी अगली दिशा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पहले भी आबादी में पहुंचकर मचाया था उत्पात
ई-5 सात सितंबर की रात बाणसागर के जलमार्ग को पार कर मैहर वन मंडल की अमरपाटन रेंज में पहुंचा था। इसके बाद उसने कई इलाकों में आवाजाही की और आबादी के आसपास पहुंचा।
वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।