पूर्व IAS की हत्या: नौकर वरुण आगरा से गिरफ्तार, घर उड़ाने की थी साजिश

भोपाल। डिजिटल डेस्क

भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक वह वारदात के बाद दिल्ली भागने की फिराक में था।

प्रारंभिक जांच के मुताबिक वरुण को अग्रवाल के घर पर काम करते हुए अभी कुछ ही दिन हुए थे। वह प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए 28 सितंबर को काम पर रखा गया था। 30 सितंबर को राकेश अग्रवाल का शव उनके सूरज नगर स्थित घर में मिला था।

हत्या के बाद घर में गैस भरने की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद घर में LPG गैस फैल गई थी। रसोई में सिलेंडर की पाइप अलग मिली थी। आशंका है कि हत्या के बाद घर में आग लगाकर घटना के सबूत मिटाने और पूरी वारदात को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी।

घटना के समय राकेश अग्रवाल की पत्नी भी घर में मौजूद थीं। पुलिस के मुताबिक उनका बेडरूम बाहर से बंद मिला था। बाद में घर में गैस की तेज गंध महसूस हुई और परिवार के लोगों ने सिलेंडर हटाए। इससे जांचकर्ताओं को हत्या के बाद घर को आग के हवाले करने की संभावित साजिश का सुराग मिला।

आरोपी कौन है

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का नाम वरुण कुमार है। वह पंजाब के पटियाला का रहने वाला बताया गया है और राकेश अग्रवाल के घर पर केयरटेकर के तौर पर काम कर रहा था।

वारदात के बाद उसके गायब होने और CCTV फुटेज में घर से निकलते दिखाई देने के बाद पुलिस का शक उस पर गहराया। वारदात के बाद फरार हुए वरुण कुमार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक वह आगरा से दिल्ली भागने की कोशिश में था। गिरफ्तारी के बाद उसे भोपाल लाया जा रहा है। अब पुलिस उससे हत्या की वजह, वारदात की पूरी योजना और घटना के बाद भागने के रास्ते को लेकर पूछताछ करेगी।

हत्या क्यों की गई

राकेश अग्रवाल की हत्या के पीछे वास्तविक मकसद अभी पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगा। शुरुआती जांच में घर की कुछ अलमारियां खुली मिली थीं, इसलिए पुलिस लूट के एंगल की भी जांच कर रही है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक घर से बड़ी मात्रा में कीमती सामान गायब होने की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस अब आरोपी से यह जानने की कोशिश करेगी कि हत्या अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि घर में गैस क्यों छोड़ी गई और क्या इसका उद्देश्य हत्या के सबूत मिटाना था।

रात में क्या हुआ था

जांच में सामने आया है कि वारदात रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई होने की आशंका है। परिवार के एक कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि उसने रात करीब 1 बजे वरुण को घर के आसपास देखा था। इसके बाद वह राकेश अग्रवाल के कमरे की ओर गया था।

सुबह राकेश अग्रवाल की पत्नी ने अपने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद पाया। मदद मिलने के बाद दरवाजा खुला तो राकेश अग्रवाल का शव कमरे में मिला।

पुलिस अब CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्यों और आरोपी से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी कहानी जोड़ने में जुटी है।

राकेश अग्रवाल कौन थे

राकेश अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के IAS अधिकारी थे। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था। सेवानिवृत्ति के बाद वह भोपाल के सूरज नगर में पत्नी के साथ रह रहे थे।

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