छिंदवाड़ा। डिजिटल डेस्क
छिंदवाड़ा जिले में स्वाइन फ्लू से पहली मौत का मामला सामने आया है। 68 वर्षीय बुजुर्ग की इलाज के दौरान मंगलवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें अलग वार्ड में भर्ती किया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर आसपास के 27 घरों का सर्वे कराया है।
आईसीयू में भर्ती के बाद रिपोर्ट आई पॉजिटिव
सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे के मुताबिक बुजुर्ग को 19 सितंबर को कफ और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।
एहतियात के तौर पर स्वाइन फ्लू की जांच के लिए उनका सैंपल भेजा गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें स्वाइन फ्लू के लिए तैयार किए गए अलग वार्ड में शिफ्ट किया गया था।
इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मौत हो गई। प्रोटोकॉल के तहत शव को पैक कर परिजनों को सौंप दिया गया।
पत्नी के सैंपल की रिपोर्ट अभी नहीं आई
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मृतक की पत्नी का सैंपल भी जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की लैब भेजा गया है। उसकी रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
फिलहाल महिला में स्वाइन फ्लू से जुड़े लक्षण नहीं बताए गए हैं। स्वास्थ्य अमला रिपोर्ट पर नजर बनाए हुए है।
27 घरों का सर्वे, आसपास के लोगों पर नजर
सीएमएचओ डॉ. अर्चना कैथवास ने बताया कि बुजुर्ग का घर खेतों के बीच स्थित है। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आसपास के 27 घरों का सर्वे किया है।
विशेषज्ञ डॉ. राहुल नाग और उनकी टीम ने क्षेत्र का सर्वे कर लोगों की निगरानी शुरू की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक मृतक की पत्नी या आसपास के किसी अन्य व्यक्ति में स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू में अचानक तेज बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश, शरीर या मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
संक्रमण से बचने के लिए सावधानी जरूरी
लोगों से बार-बार साबुन से हाथ धोने, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
बीमार व्यक्ति से अनावश्यक संपर्क से बचने और बीमारी की स्थिति में घर पर आराम करने की सलाह दी गई है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह छूने से भी बचना चाहिए।
पोल्ट्री या पक्षियों से जुड़े काम करने वाले लोगों को लक्षण दिखाई देने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।